
देहरादून। भारतीय निशानेबाजी के दिग्गज खिलाड़ी और प्रशिक्षक जसपाल राणा का 49 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन से देशभर के खेल जगत और उत्तराखंड में शोक की लहर दौड़ गई है। बताया जा रहा है कि हाल ही में जर्मनी के म्यूनिख में आयोजित आईएसएसएफ विश्व कप से लौटने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई थी। उपचार के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली।
टिहरी गढ़वाल के चिलामू गांव में जन्मे जसपाल राणा भारतीय निशानेबाजी के सबसे सफल खिलाड़ियों में गिने जाते थे। उन्होंने एशियाई खेलों, राष्ट्रमंडल खेलों और अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत के लिए कई पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया। राष्ट्रमंडल खेलों में उनके नाम 15 पदक दर्ज हैं।
खिलाड़ी के रूप में शानदार उपलब्धियां हासिल करने के बाद उन्होंने प्रशिक्षक के रूप में भी भारतीय निशानेबाजी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर सहित कई प्रतिभावान खिलाड़ियों को उन्होंने प्रशिक्षण देकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे भारतीय खेल जगत की बड़ी क्षति बताया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी उन्हें उत्कृष्ट खिलाड़ी, सफल प्रशिक्षक और प्रेरणादायी व्यक्तित्व बताते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।
उत्तराखंड में जसपाल राणा केवल एक खिलाड़ी नहीं, बल्कि युवाओं के लिए प्रेरणा के स्रोत थे। उनकी शूटिंग अकादमी से अनेक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार हुए। अनुशासन, समर्पण और उत्कृष्टता से भरा उनका जीवन आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।
भारतीय खेल जगत ने उनके रूप में एक महान खिलाड़ी, कुशल प्रशिक्षक और सच्चे मार्गदर्शक को खो दिया है। उनकी उपलब्धियां और योगदान हमेशा याद किए जाएंगे।
