
अल्मोड़ा। उत्तरायण फाउंडेशन और नेशनल हार्ट इंस्टीट्यूट की संयुक्त पहल ‘नई उमंग’ के तहत बालिका सदन, अल्मोड़ा से पहुंचे 10 नए बच्चों का नेशनल हार्ट इंस्टीट्यूट में स्वागत किया गया। वर्ष 2021 में शुरू की गई इस पहल के माध्यम से अब तक 42 बच्चों को शिक्षा, आवास, स्वास्थ्य और समग्र विकास की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा चुकी हैं। कार्यक्रम में नेशनल हार्ट इंस्टीट्यूट के प्रमुख कार्यकारी अधिकारी एवं प्रबंध निदेशक डॉ. ओ.पी. यादव तथा सह-प्रबंध निदेशक डॉ. विनोद शर्मा ने बच्चों का स्वागत करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। डॉ. यादव ने कहा कि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित वातावरण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आत्मनिर्भर बनने के अवसर मिलने चाहिए। उन्होंने कहा कि संस्थान बच्चों के समग्र विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है। कार्यक्रम से जुड़ी जानकारी के अनुसार इस पहल के तहत अब तक 12 बच्चे अपनी शिक्षा पूरी कर रोजगार प्राप्त कर चुके हैं और आत्मनिर्भर जीवन की ओर बढ़ चुके हैं। वहीं सात अन्य बच्चे अपनी शिक्षा के अंतिम चरण में हैं और जल्द ही रोजगार की दिशा में आगे बढ़ेंगे। आयोजकों ने इसे ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान की भावना को मजबूत करने वाला प्रयास बताया। उत्तरायण फाउंडेशन के महासचिव महिपाल पिलखवाल ने कहा कि संस्था का उद्देश्य वंचित और जरूरतमंद बच्चों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराना तथा उन्हें आत्मनिर्भर और जिम्मेदार नागरिक के रूप में विकसित करना है। उन्होंने बच्चों के सुखद और सुरक्षित भविष्य की कामना की। कार्यक्रम में महाप्रबंधक (वित्त) सुरेश कुमार शैली, डॉ. नितिन वैश्य, चंद्रा जाडू, दीप्ति पपनै, नर्सिंग सुपरिंटेंडेंट पामेला, राजेश कर्णधार, अजय कुमार, बालिका सदन की अधीक्षिका मंजू उपाध्याय और उमा बिष्ट सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। वक्ताओं ने कहा कि उत्तरायण फाउंडेशन और नेशनल हार्ट इंस्टीट्यूट का यह संयुक्त प्रयास केवल बच्चों की शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें सुरक्षित वातावरण, बेहतर अवसर और आत्मनिर्भर भविष्य प्रदान करने की दिशा में एक प्रेरणादायी मॉडल बनकर उभरा है। कार्यक्रम के अंत में बच्चों के उज्ज्वल भविष्य, उत्तम स्वास्थ्य और निरंतर प्रगति की कामना की गई।

