
बागेश्वर(आरएनएस)। अशासकीय विद्यालय प्रबंध समिति एसोसिएशन की बैठक में विद्यालयों की दयनीय स्थिति पर चिंता जताई गई। बैठक में सदस्यों ने शिक्षकों की नियुक्तियों पर लगी रोक तत्काल हटाने तथा विद्यालयों में भवन निर्माण और मूलभूत सुविधाओं के लिए शासन से अनुदान उपलब्ध कराने की मांग उठाई। इंटर कॉलेज शामा के प्रबंधक भवान सिंह कोरंगा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में वक्ताओं ने सरकार पर अशासकीय विद्यालयों के साथ भेदभावपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सुदूर क्षेत्रों के गरीब बच्चों की शिक्षा में अशासकीय विद्यालय महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। अधिकांश विद्यालयों में छात्र संख्या राजकीय विद्यालयों से अधिक होने के बावजूद सरकार की ओर से शिक्षकों के वेतन के अतिरिक्त कोई सहायता नहीं दी जा रही है।
वक्ताओं ने कहा कि वर्षों पुराने विद्यालय भवन जर्जर हालत में पहुंच चुके हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। वहीं लंबे समय से नियुक्तियों पर रोक होने के कारण विद्यालयों में शिक्षकों के रिक्त पद नहीं भर पा रहे हैं, जिसका सीधा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। बैठक में नियुक्तियों पर लगी रोक तत्काल हटाने, रिक्त पदों पर नियुक्ति की अनुमति देने तथा विद्यालयों में भवन, शौचालय और फर्नीचर जैसी सुविधाओं के लिए धनराशि उपलब्ध कराने की मांग की गई। इस दौरान सुरेश कांडपाल, दीपक पाठक, चंचल रैखोला, बीसी जोशी, कैलाश अंडोला, गिरीश टंगड़िया और प्रशांत नगरकोटी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

