
आध्यात्मिक चेतना और संस्कृति में निहित है भारत की शक्ति: सुनील शेट्टी
ऋषिकेश(आरएनएस)। बॉलीवुड फिल्म अभिनेता सुनील शेट्टी अपनी पत्नी माना शेट्टी संग तीर्थनगरी के परमार्थ निकेतन पहुंचे। वहां उन्होंने अध्यात्मिक गतिविधियों में शिरकत की और परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती से आशीर्वाद लिया। इसके बाद उन्होंने परमार्थ निकेतन में विभिन्न अध्यात्मिक गतिविधियों में शिरकत कर सनातन की गहराइयों को जाना। फिल्म अभिनेता सुनील शेट्टी ने कहा कि परमार्थ निकेतन का वातावरण एक अनुभूति है। यहां आकर मन स्वतः शांत हो जाता है और जीवन की प्राथमिकताएं स्पष्ट होने लगती हैं। उन्होंने कहा कि भारत की शक्ति उसकी आध्यात्मिक चेतना, पारिवारिक मूल्य और संस्कृति में निहित है। यदि युवा पीढ़ी इन मूल्यों को समझ ले, तो भारत विश्व के लिए केवल आर्थिक शक्ति नहीं, बल्कि नैतिक नेतृत्व भी बन सकता है। माना शेट्टी ने कहा कि यहां की शांति, गंगा की धारा, साधना की ऊर्जा और सेवा की भावना मन को भीतर तक स्पर्श करती है। उन्होंने अनुभव साझा किया कि यह केवल यात्रा नहीं, बल्कि आत्मिक पुनर्जागरण जैसा अनुभव है। स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि सनातन, जीवन जीने की सर्वोच्च कला है। सनातन हमें संदेश देता है कि सफल बनो, पर संवेदनशील रहो। ऊंचे उठो, पर जड़ों से जुड़े रहो, आगे बढ़ो पर दूसरों को साथ लेकर चलो। यही वह दर्शन है, जिसकी आज विश्व को आवश्यकता है।

