
देहरादून। कांग्रेस मुख्य प्रवक्ता गरिमा दसोनी ने कहा कि स्पीकर ऋतु खंडूडी के अति उत्साह से आज पूरी विधानसभा पर संकट गहरा गया है। विधानसभा के स्तर से हाईकोर्ट, सरकार समेत सभी पक्षों को गुमराह किया गया है। गरिमा दसौनी ने कहा कि वर्ष 2016 से पहले के कर्मचारियों के मामले में विधिक राय को लेकर स्पीकर बार बार भ्रमित करने वाला बयान दे रही हैं। असल हकीकत को सभी से छुपाया जा रहा है। स्पीकर कह रही हैं कि सरकार से विधिक राय मांगी है। दूसरी ओर महाधिवक्ता नौ जनवरी को ही अपनी राय दे चुके हैं। इसी तरह स्पीकर ने सिंगल बेंच की ओर से निकाले गए कर्मचारियों को मिले स्टे के मामले में भी गुमराह किया। स्पीकर ने बार बार यही कहा कि स्टे के खिलाफ डबल बेंच में अपील नहीं करेंगी। दूसरी ओर अचानक डबल बेंच में अपील कर दी। 2016 से पहले के कर्मचारियों पर कार्रवाई को हमेशा टालती रहीं।
अब महाधिवक्ता ने भी डीके कोटिया समिति की रिपोर्ट का हवाला देते हुए सभी नियुक्तियों को अवैध बताया है। इसके बाद भी भेदभाव जारी है। अब जब कोई रास्ता नहीं सूझ रहा तो सरकार और महाधिवक्ता को बैशाखी बनाने का प्रयास किया जा रहा है। अधूरे होमवर्क, अति उत्साह और बिना सोचे समझे फैसलों के कारण पूरी विधानसभा पर ही बड़ा संकट खड़ा हो गया है।

