
विकासनगर। साहिया और आसपास के गांवों में बीते सितंबर महीने में आई प्राकृतिक आपदा में हुए नुकसान का मुआवजा नहीं मिलने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। गुरुवार को ग्रामीणों ने चकराता विधायक प्रीतम सिंह के साथ तहसील मुख्यालय में धरना देकर प्रदेश सरकार पर उत्पीड़न का आरोप लगाया। गुरुवार को चकराता विधायक प्रीतम सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। विधायक प्रीतम सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार साजिश के तहत चकराता विधानसभा की जनता का उत्पीड़न कर रही है। प्राकृतिक आपदा में ग्रामीणों को भारी नुकसान झेलना पड़ा। कई आवासीय भवन और छानियां जमींदोज हो गई थीं। इसके साथ ही ग्रामीणों के मवेशी और खेत बाढ़ के सैलाब में बह गए थे। प्राकृतिक आपदा ने ग्रामीणों से उनका आशियाना और आजीविका के साधन छीन लिए। बावजूद इसके सरकार ग्रामीणों को मुआवजा नहीं दे रही है। कहा कि प्रदेश सरकार कांग्रेस विधायकों की विधानसभा के साथ भेदभाव कर रही है। विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए भाजपा सरकार सभी लोकतांत्रिक मूल्यों का हनन कर रही है। सरकार की भेदभाव पूर्ण नीति का शिकार जनता हो रही है। कहा कि प्रशासन ने आपदा के दौरान हुए नुकसान का आकलन कर शासन को भेजा था, लेकिन सरकार के आदेश पर शासन ने संबंधित रिपोर्ट को दबा दिया। विधायक ने कहा कि प्रदेश सरकार जनता का शोषण कर माफिया को फायदा पहुंचा रही है। इसके साथ ही जनता को मूलभूत सुविधाओं से वंचित किया जा रहा है। आपदा के दौरान जिन ग्रामीणों के मकान ध्वस्त हो गए थे, वे अभी तक दूसरों के घरों में शरण लिए हुए हैं। खेतों में मलबा भरने से ग्रामीण फसल नहीं बो सकते हैं। जनता शासन, प्रशासन से गुहार लगा रही है, लेकिन जिम्मेदार सरकार के दबाव में मुआवजा नहीं दे रही है। मुआवजा नहीं मिलने से प्रभावित ग्रामीणों के सामने आजीविका का संकट पैदा हो गया है। उन्होंने कहा कि जल्द सभी प्रभावितों को मुआवजा नहीं मिलने पर तहसील मुख्यालय में अनिश्चिकालीन धरना शुरु कर दिया जाएगा। धरना प्रदर्शन करने वालों में कांग्रेस जिलाध्यक्ष संजय किशोर, अजय नेगी, उमा दत्त जोशी, राजेंद्र जोशी, कै. दौलत सिंह, सुखपाल सिंह, श्याम दत्त वर्मा, संसार सिंह, अमीर चौहान, केसर नेगी, शांति सिंह, संजय चौहान, प्रताप सिंह, गोपाल सिंह, अनीता राजगुरु आदि शामिल रहे।


