Skip to content

RNS INDIA NEWS

आपकी विश्वसनीय समाचार सेवा

Primary Menu
  • मुखपृष्ठ
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • राज्य
    • उत्तराखंड
      • अल्मोड़ा
      • उत्तरकाशी
      • ऊधम सिंह नगर
      • बागेश्वर
      • चम्पावत
      • नैनीताल
      • पिथौरागढ़
      • चमोली
      • देहरादून
      • पौड़ी
      • टिहरी
      • रुद्रप्रयाग
      • हरिद्वार
    • अरुणाचल
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तर प्रदेश
    • गुजरात
    • छत्तीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सोलन
    • दिल्ली
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • मणिपुर
    • राजस्थान
    • त्रिपुरा
  • अर्थ जगत
    • बाजार
  • खेल
  • विविध
    • संस्कृति
    • न्यायालय
    • रहन-सहन
    • मनोरंजन
      • बॉलीवुड
  • Contact Us
  • About Us
  • PRIVACY POLICY
Light/Dark Button
Watch
  • Home
  • राष्ट्रीय
  • केंद्र जल्द करेगा वेद आधारित बोर्ड का निर्माण
  • राष्ट्रीय

केंद्र जल्द करेगा वेद आधारित बोर्ड का निर्माण

RNS INDIA NEWS 16/05/2022
rns featured image new

नई दिल्ली (आरएनएस)।  देश में वैदिक शिक्षा को लेकर जल्द ही एक नई और बड़ी पहल की जा सकती है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय वेद आधारित शिक्षा बोर्ड को मान्यता देने जा रहा है। वेद आधारित शिक्षा का यह बोर्ड किसी भी अन्य सामान्य शिक्षा बोर्ड की तरह कार्य करेगा। इस प्रक्रिया में न केवल वेद के जानकार बल्कि संस्कृत, भाषा और गणित के विशेषज्ञ भी शामिल किए जाएंगे।
दरअसल केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय छात्रों को वैदिक शिक्षा एवं वेद आधारित ज्ञान मुहैया कराने का पक्षधर है। हालांकि अभी तक वैदिक विद्या के लिए डिग्री की कोई व्यवस्था नहीं है। इसी के मद्देनजर भारत सरकार वेद प्रणाली को आधुनिक शिक्षा प्रणाली से जोडऩे का निर्णय लेने जा रही है। इसके लिए एक बोर्ड बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत आधुनिक समाज में वेदों के पाठ की प्रासंगिकता बनाए रखने के लिए एक विशेष वैदिक शिक्षा बोर्ड अस्तित्व में आएगा।
वेद शिक्षा पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का कहना है कि वेदों के सस्वर पाठ की प्रासंगिकता को आधुनिक समाज में बनाए रखने के लिए एक खास वैदिक शिक्षा बोर्ड अस्तित्व में आएगा। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय का मानना है कि वेद हमारी संस्कृति का आधार है। हमारी वैदिक परंपरा कालजयी है।

शिक्षा मंत्रालय ने इस विषय में आधिकारिक जानकारी देते हुए बताया कि वेदों को विद्वता के साथ लोक अभ्यास का विषय बनाने के लिए भारत सरकार ने महर्षि सान्दीपनि प्रतिष्ठान की अगुआई में हमारे लोक आस्था के चारों धाम व मां कामाख्या के पदस्थान पर पांच वेद विद्यापीठ के निर्माण का निर्णय लिया है।
वेद विद्या से जुड़े रहे शिक्षाविद् शंकर लाल चतुवेर्दी का इस विषय पर कहना है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत भारतीय ज्ञान परंपरा को आगे बढ़ाने में वेद शिक्षा खासी महत्वपूर्ण हो सकती है। वेद शिक्षा किसी धार्मिक पूजा पद्धति का विषय नहीं है बल्कि इसमें बेहतर जीवन जीने का ज्ञान एवं विज्ञान है। चतुवेर्दी के मुताबिक वेद का यह ज्ञान समाज के सभी वर्गों एवं संप्रदायों के लिए लाभकारी सिद्ध हो सकता है। वैदिक गणित इसका जीता जागता उदाहरण है। चतुवेर्दी के मुताबिक वैदिक गणित का लाभ समाज के लगभग सभी छात्रों को मिल रहा है।
वहीं मौजूदा समय में कुछ गिने-चुने प्रतिष्ठित संस्थान छात्रों को वेद विद्या प्रदान कर रहे हैं। वेदों के सस्वर पाठ की प्रासंगिकता को आधुनिक समाज में बनाए रखने व वेदों के संरक्षण और संवर्धन के लिए महर्षि सान्दीपनि राष्ट्रीय वेदविद्या प्रतिष्ठान देश भर के 6,000 से अधिक विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान कर रहा है।

वैदिक गणित की चर्चा स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी हाल ही में मन की बात कार्यक्रम के दौरान कर चुके हैं। गौरतलब है कि मन की बात कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि विश्व को गणित के सबसे महत्त्वपूर्ण सूत्रों से अवगत कराने वाले भारत के लोगों के लिए गणित एक समस्या नहीं सहज विषय होना चाहिए। अपने बच्चों को यदि हम वैदिक गणित सिखाएंगे तो उनका गणित को लेकर डर भी समाप्त हो जाएगा।
शिक्षा मंत्रालय चाहता है कि वैदिक गणित के जरिए गणित के क्षेत्र में भारत के योगदान, आचार्य पिंगला, आचार्य आर्यभट्ट, रामानुजन व पुरी के पूर्व शंकराचार्य जगद्गुरू स्वामी भारतीकृष्ण तीर्थ महाराज जैसे गणितज्ञों द्वारा पोषित भारत की समृद्ध गणित परंपराओं से युवाओं का मार्गदर्शन किया जाए।
अपने मन की बात कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि वैदिक मैथ से आप बड़ी-बड़ी साइंटिफिक प्रॉब्लम भी सॉल्व कर सकते हैं। मैं चाहूंगा कि सभी माता-पिता अपने बच्चों को वैदिक मैथ जरूर सिखाएं। संस्कृत वैदिक शिक्षा के प्रसिद्ध शिक्षाविद हेमनगर कोटि प्रधानमंत्री के कथन से पूरी तरह सहमत हैं। उनका कहना है कि वैदिक मैथ सीखने से छात्रों का कॉन्फिडेंस तो बढ़ेगा ही, साथ ही उनके ब्रेन की एनालिटिकल पावर भी बढ़ेगी। इससे जिन बच्चों के मन में गणित को लेकर जो कुछ भी डर है वह भी समाप्त हो जाएगा।

शेयर करें..

Post navigation

Previous: केरल में भारी बारिश के मद्देनजर रेड, ऑरेन्ज, येलो अलर्ट जारी, मुख्य सचिव ने जारी किये निर्देश
Next: रेप केस में फंसे राजस्थान के मंत्री का बेटा, गिरफ्तार करने जयपुर पहुंची दिल्ली पुलिस

Related Post

rns featured image new
  • राष्ट्रीय

पश्चिम बंगाल सरकार की बड़ी घोषणाएं; महिलाओं को हर महीने मिलेंगे 3 हजार रुपये, पांच रुपये में मछली-चावल

RNS INDIA NEWS 27/05/2026 0
rns featured image new
  • राष्ट्रीय

सनकी पति ने पत्नी और 3 मासूम बच्चों को उतारा मौत के घाट, खुद को भी किया लहूलुहान; हैरान कर देगी वजह

RNS INDIA NEWS 19/05/2026 0
SupremeCourtofIndia (1)_11zon
  • न्यायालय
  • राष्ट्रीय

सार्वजनिक जगहों से हटाए जाएंगे आवारा कुत्ते, सुप्रीम कोर्ट ने अपना पुराना आदेश रखा बरकरार

RNS INDIA NEWS 19/05/2026 0

यहाँ खोजें

Quick Links

  • About Us
  • Contact Us
  • PRIVACY POLICY

ताजा खबर

  • चौसली मार्ग से हल्के वाहनों की आवाजाही; एलआर साह रोड खुला
  • अग्निवीर परीक्षा और विश्वविद्यालय परीक्षाओं की तिथियां टकराने पर एबीवीपी का प्रदर्शन
  • बालिका विद्या मंदिर जीवनधाम में कन्या भारती का गठन
  • महरौली के पास खाई में गिरा डंपर, चालक की मौत
  • राशिफल 30 मई
  • मेरगांव में 31 मई को लगेगा वृहद बहुउद्देशीय विधिक जागरूकता शिविर
Copyright © rnsindianews.com | MoreNews by AF themes.