
देहरादून। ई रिक्शा और विक्रम वाहनों का नियम विरुद्ध संचालन बंद नहीं होने पर सिटी संचालकों ने अपनी बसें सरेंडर करनी शुरू कर दी हैं। संचालकों का कहना है कि उनको सवारियां नहीं मिल पा रही है। ऐसे में बसों का संचालन नहीं कर सकते।
सिटी बस स्वामी संगीता गोयल ने आरटीओ पत्र लिखा है। पत्र में बताया कि उनकी बस नालापानी-सीमाद्वार रूट पर चलती है। इस रूट पर नियम विरुद्ध ई रिक्शा चल रहे हैं और विक्रम वाहन फुटकर सवारी उठा रहे हैं, जिससे उनको सवारियां नहीं मिल पा रही है। ऐसे में वह अपनी सिटी बस को सरेंडर करना चाहती है। इधर, देहरादून महानगर सिटी बस महासंघ अध्यक्ष विजय वर्धन डंडरियाल ने बताया कि परिवहन विभाग की लापरवाही से सिटी बसें शहर से गुम होने लगी हैं। कई रूटों पर अब एक बस नहीं चलती है। सीमाद्वार-नालापानी रूट पर 2009 में 45 बसें चलती थी, जिसमें अब 25 बसें रह गई हैं। कुछ रूटों पर सिटी बसों का संचालन पूरी तरह बंद हो गया है। शहर के सभी रूटों पर बसों के 319 परमिट थे, इसमें 160 बसें चल रही हैं, बाकी सभी परमिट सरेंडर हो चुके हैं। विक्रम और ई रिक्शा के नियम विरुद्ध संचालन से सिटी बसों को सवारी नहीं मिल रही है। परिवहन विभाग से कई बार कार्रवाई की मांग की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती।

