Skip to content

RNS INDIA NEWS

आपकी विश्वसनीय समाचार सेवा

Primary Menu
  • मुखपृष्ठ
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • राज्य
    • उत्तराखंड
      • अल्मोड़ा
      • उत्तरकाशी
      • ऊधम सिंह नगर
      • बागेश्वर
      • चम्पावत
      • नैनीताल
      • पिथौरागढ़
      • चमोली
      • देहरादून
      • पौड़ी
      • टिहरी
      • रुद्रप्रयाग
      • हरिद्वार
    • अरुणाचल
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तर प्रदेश
    • गुजरात
    • छत्तीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सोलन
    • दिल्ली
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • मणिपुर
    • राजस्थान
    • त्रिपुरा
  • अर्थ जगत
    • बाजार
  • खेल
  • विविध
    • संस्कृति
    • न्यायालय
    • रहन-सहन
    • मनोरंजन
      • बॉलीवुड
  • Contact Us
  • About Us
  • PRIVACY POLICY
Light/Dark Button
Watch
  • Home
  • राज्य
  • उत्तराखंड
  • नैनीताल
  • जिला अस्पताल में आग लगी तो भगवान भरोसे होंगे मरीज, पानी के हाईड्रेंट सहित इन मानकों की अनदेखी
  • नैनीताल

जिला अस्पताल में आग लगी तो भगवान भरोसे होंगे मरीज, पानी के हाईड्रेंट सहित इन मानकों की अनदेखी

RNS INDIA NEWS 10/11/2021
default featured image

नैनीताल। एक दिन पूर्व ही भोपाल के हमदिया अस्पताल में आग लगने से चार बच्चों की मृत्यु हो गई। नैनीताल में भी कई सरकारी व निजी संपत्तियों में बड़ी आग लगने की कई घटनाएं हो चुकी हैं। इसके बावजूद अग्निशमन विभाग चेतने का नाम नहीं ले रहा। बीडी पांडे अस्पताल व महिला अस्पताल में यदि इस तरह की अनहोनी हुई तो आग से बचाव के यहां कोई ठोस इंतजाम नहीं हैं।
जिला अस्पताल की स्थिति यह है कि अस्पताल में आग बुझाने के लिए पानी के हाईड्रेंट तक उपलब्ध नहीं है। अस्पताल के ऊपरी मंजिल से नीचे पहुंचने को  केवल संकरी सीढ़ियां एकमात्र रास्ता हैं। अस्पताल की दीवारों पर आग बुझाने के उपकरण तो लगाए गए हैं। पर इन पर एक्सपायरी डेट अंकित नहीं की है।  अस्पताल के पीएमएस डॉ. केएस धामी ने बताया अस्पताल में मानक के अनुसार हर स्थान पर अग्निशमन उपकरण स्थापित किए गए हैं। इनका समय-समय पर निरीक्षण भी होता है। हाईड्रेंट की जरूरत भी है जिसे स्थापित करने को दो माह पहले ही प्रस्ताव बनाकर भेजा है। आने और जाने का एक ही रास्ता: हल्द्वानी के निजी अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ने और अस्पताल के पास सीमित जमीन होने के चलते रास्तों को कम कर दिया गया है। शहर के ज्यादातर अस्पतालों के भीतर जाने और बाहर आने का एक रास्ता है। ऐसे में हादसा होने की स्थित में मरीज के बाहर निकलना मुश्किल होगा।

शेयर करें..

Post navigation

Previous: अल्मोड़ा शहर को हैरिटेज सिटी बनाने हेतु 11 नवंबर को धर्मनिरपेक्ष युवा मंच संयोजक विनय किरौला के नेतृत्व में होगी पदयात्रा
Next: एटीएम बदल ठगी करने वाले तीन ठग गिरफ्तार

Related Post

default featured image
  • नैनीताल

बजट 2026 में न विजन, न समाधान : यशपाल आर्य

RNS INDIA NEWS 01/02/2026 0
default featured image
  • नैनीताल

कूड़ा निस्तारण के नैनीताल पालिका को एक करोड़ और मंडी परिषद को चुकाने होंगे 57 लाख रुपये

RNS INDIA NEWS 01/02/2026 0
default featured image
  • नैनीताल

हल्द्वानी में यूजीसी रेगुलेशन के विरोध में प्रदर्शन

RNS INDIA NEWS 29/01/2026 0

Your browser does not support the video tag.

यहाँ खोजें

Quick Links

  • About Us
  • Contact Us
  • PRIVACY POLICY

ताजा खबर

  • सेवा ही राजनीति का सबसे सशक्त माध्यम : कोश्यारी
  • गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में हुई साल की तीसरी बर्फबारी
  • स्थायी राजधानी गैरसैंण समिति ने रैली निकाली और प्रदर्शन किया
  • सकल हिंदू एकता मंच की ओर से विराट हिंदू सम्मेलन आयोजित
  • भूखंडों का स्वामित्व दर्ज कराने के लिए प्रशासन ने बढ़ाई 15 दिन की समय सीमा
  • जी रामजी योजना विकसित भारत की अवधारणा के लिए सराहनीय निर्णय : रेखा आर्या

Copyright © rnsindianews.com | MoreNews by AF themes.