Skip to content

RNS INDIA NEWS

आपकी विश्वसनीय समाचार सेवा

Primary Menu
  • मुखपृष्ठ
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • राज्य
    • उत्तराखंड
      • अल्मोड़ा
      • उत्तरकाशी
      • ऊधम सिंह नगर
      • बागेश्वर
      • चम्पावत
      • नैनीताल
      • पिथौरागढ़
      • चमोली
      • देहरादून
      • पौड़ी
      • टिहरी
      • रुद्रप्रयाग
      • हरिद्वार
    • अरुणाचल
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तर प्रदेश
    • गुजरात
    • छत्तीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सोलन
    • दिल्ली
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • मणिपुर
    • राजस्थान
    • त्रिपुरा
  • अर्थ जगत
    • बाजार
  • खेल
  • विविध
    • संस्कृति
    • न्यायालय
    • रहन-सहन
    • मनोरंजन
      • बॉलीवुड
  • Contact Us
  • About Us
  • PRIVACY POLICY
Light/Dark Button
Watch
  • Home
  • राष्ट्रीय
  • पूरी फीस वसूल नहीं सकते प्राइवेट स्कूल, एडमिशन फीस में देनी होगी 15 प्रतिशत रियायत: सुप्रीम कोर्ट
  • न्यायालय
  • राष्ट्रीय

पूरी फीस वसूल नहीं सकते प्राइवेट स्कूल, एडमिशन फीस में देनी होगी 15 प्रतिशत रियायत: सुप्रीम कोर्ट

RNS INDIA NEWS 04/05/2021
SupremeCourtofIndia

नई दिल्ली, (आरएनएस)। देश की सर्वोच्च अदालत ने अपने महत्वपूर्ण फैसले में प्राइवेट स्कूलों को आदेश दिया है कि लॉकडाउन के दौरान वे छात्रों से पूरी फीस नहीं वसूल सकते हैं। सर्वोच्च अदालत ने यह भी कहा है कि फीस का भुगतान नहीं करने की स्थिति में 10वीं-12वीं के किसी छात्र का रिजल्ट भी नहीं रोका जाएगा और न ही उन्हें कोई परीक्षा में बैठने से रोक सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा है कि लॉकडाउन के दौरान स्कूल पूरी फीस नहीं वसूल सकते हैं। हालांकि यह फैसला आम आदमी के लिए राहत भरा नहीं है। दरअसल, जस्टिस एएम खानविलकर और जस्टिस दिनेश माहेश्वरी की खंडपीठ ने अपने फैसले में कहा कि निजी स्कूल राज्य कानून के तहत निर्धारित वार्षिक फीस वसूल सकते हैं। कोर्ट ने यह भी आदेश दिया है कि स्कूलों को शैक्षणिक सत्र 2020-21 की वार्षिक फीस में 15 प्रतिशत की कटौती करें, क्योंकि बच्चों को इस वर्ष में वह सुविधाएं नहीं मिली जो स्कूल जाने पर मिलती है। राजस्थान के 36,000 गैर सहायता प्राप्त निजी स्कूलों के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने यह आदेश जारी किया है।
अदालत ने कहा है कि जो अभिभावक फीस का भुगतान करने में आर्थिक तौर पर सक्षम नहीं हैं, उनकी फीस माफी पर भी स्कूलों को विचार करना होगा। न्यायमूर्ति एएम खानविलकर की पीठ ने अपने आदेश में कहा कि स्कूल अभिभावकों से बकाया फीसदी 5 अगस्त से 6 किस्तों में वसूल करें और फीस नहीं देने या भुगतान में देर होने पर 10वीं और 12वीं का रिजल्ट नहीं रोका जाएगा तथा न ही छात्रों को परीक्षा में बैठने से रोका जा सकता है।
इतना ही नहीं, अदालत ने स्कूलों से यह भी कहा है कि यदि कोई अभिभावक फीसदी का भुगतान करने की स्थिति में नहीं है, तो स्कूल उनके मामलों पर गंभीरता से विचार करेंगे और उनके बच्चों का रिजल्ट नहीं रोकेंगे।

शेयर करें..

Post navigation

Previous: मानवता की मिसाल पेश करती अल्मोड़ा पुलिस: कोरोना संक्रमित मृतक का किया अंतिम संस्कार
Next: ड्रीम-11 कॉन्टेस्ट विजेता के 40,25,000 रूपये बागेश्वर पुलिस के साइबर क्राइम सैल द्वारा विजेता के बैंक खाते में कराये गये वापस

Related Post

rns featured image new
  • राष्ट्रीय

भांजी से बात करने की खौफनाक सजा, मामाओं ने बीच सड़क पर युवक पर चढ़ा दी कार

RNS INDIA NEWS 13/06/2026 0
WhatsApp Image 2026-06-13 at 18.54.51
  • उत्तराखंड
  • देहरादून
  • राष्ट्रीय

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मौजूदगी में आईएमए की पासिंग आउट परेड संपन्न, 515 कैडेट बने सैन्य अधिकारी

RNS INDIA NEWS 13/06/2026 0
WhatsApp Image 2026-06-12 at 21.33.22
  • उत्तराखंड
  • देहरादून
  • राष्ट्रीय

भारतीय निशानेबाजी के दिग्गज जसपाल राणा का निधन, खेल जगत में शोक

RNS INDIA NEWS 12/06/2026 0

यहाँ खोजें

Quick Links

  • About Us
  • Contact Us
  • PRIVACY POLICY

ताजा खबर

  • राशिफल 18 जून
  • परिचित ले उड़ा बीएमडब्ल्यू, खतरनाक ड्राइविंग कर कटवाए 19 चालान
  • नव निर्मित चालदा महासू मंदिर में शिखा, दिशा पूजन किया गया
  • वन भूमि हस्तांतरण की मंजूरी मिलने के एक वर्ष बाद भी नहीं हुआ निर्माण
  • केतन लाल हत्याकांड में दोषियों पर हो सख्त कार्रवाई : यूकेडी
  • ऊखीमठ में हुआ जन संवाद कार्यक्रम आयोजित
Copyright © rnsindianews.com | MoreNews by AF themes.