

हल्द्वानी। शहर से लेकर ग्रामीण और पर्वतीय क्षेत्रों तक शराब की दुकानों में प्रिंट रेट से अधिक कीमत वसूले जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। आरोप है कि शराब की बोतलों पर निर्धारित मूल्य से 10 से 50 रुपये तक अधिक वसूले जा रहे हैं। कई दुकानों में बोतलों पर अलग से मूल्य के स्टीकर चिपकाकर ग्राहकों से अतिरिक्त रकम ली जा रही है। वहीं, शिकायतों के बावजूद आबकारी विभाग की कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
जिले में अंग्रेजी और देशी शराब की करीब 70 से अधिक दुकानें संचालित हैं। आरोप है कि शहर की कई दुकानों में सेल्समैन खुलेआम निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर शराब बेच रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि कुछ मामलों में प्रशासनिक अधिकारियों को भी ओवररेट पर शराब बेचे जाने की शिकायत सामने आई है।
शराब की दुकानों पर अधिक कीमत वसूले जाने से परेशान लोग मुख्यमंत्री शिकायत पोर्टल पर भी शिकायत कर रहे हैं। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि शिकायत दर्ज कराने के बाद कुछ शराब कारोबारी उन्हें फोन कर धमका रहे हैं और शिकायत वापस लेने का दबाव बना रहे हैं। इससे लोगों में नाराजगी है।
शहर में शराब की दुकानों के संचालन को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। आरोप है कि हाइडिल गेट के पास करीब 50 मीटर की दूरी पर शराब की दो दुकानें संचालित हो रही हैं, जबकि एक किलोमीटर के दायरे में चार-चार दुकानें खोली गई हैं। स्थानीय लोगों ने दुकानों के बीच दूरी संबंधी नियमों के पालन पर सवाल उठाए हैं।
पर्वतीय और दूरस्थ क्षेत्रों में भी ओवररेटिंग की शिकायतें सामने आ रही हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार कम कीमत वाली शराब की बोतलों पर कम से कम 30 रुपये और महंगी बोतलों पर 50 रुपये से अधिक तक अतिरिक्त वसूली की जा रही है। लोगों का कहना है कि शिकायतों और साक्ष्य उपलब्ध कराने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से शराब कारोबारियों के हौसले बढ़ रहे हैं।
इस संबंध में जिला आबकारी अधिकारी नैनीताल मीनाक्षी टम्टा ने बताया कि ओवररेटिंग रोकने के लिए विभाग की ओर से एक विशेष टीम गठित की गई है और लगातार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कम दूरी पर शराब की दुकानें खोले जाने के आरोपों पर कहा कि दुकानें नियमानुसार ही संचालित की जा रही हैं।



