

नैनीताल(आरएनएस)। हाईकोर्ट ने काशीपुर नगर निगम की ओर से शहर में पांच स्थानों पर स्ट्रीट वेंडिंग जोन बनाने के मामले में दायर जनहित याचिका को निस्तारित कर दिया है। कोर्ट ने नगर आयुक्त को याचिकाकर्ताओं की ओर से दिए गए प्रत्यावेदन पर सभी पक्षों को सुनने के बाद विधि के अनुसार छह सप्ताह के भीतर उचित निर्णय लेने के निर्देश दिए हैं। मामले की सुनवाई सोमवार को कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ में हुई। काशीपुर निवासी अतुल कुमार यादव समेत अन्य लोगों ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा कि नगर निगम ने शहर में पांच स्थानों पर वेंडिंग जोन बनाने के लिए ऐसे स्थान चिह्नित किए हैं, जो आवासीय क्षेत्रों में हैं।इनमें कुछ स्थानों पर सड़क की चौड़ाई महज 28 फीट है। यहां वेंडिंग जोन बनने से यातायात बाधित होने और जाम की समस्या बढ़ने की आशंका है। याचिकाकर्ताओं ने यह भी कहा कि एक वेंडिंग जोन ऐसी सड़क पर प्रस्तावित है, जो नहर के ऊपर बनी है और जहां निर्माण नहीं करने के संबंध में पहले से हाईकोर्ट का आदेश है। इसके अलावा गलियों और सड़कों के किनारे भी वेंडिंग जोन बनाए जाने पर नियमों का उल्लंघन होगा। याचिका में आशंका जताई गई कि इन स्थानों पर वेंडिंग जोन बनने से ध्वनि प्रदूषण, कानून व्यवस्था संबंधी समस्याएं और आवासीय क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ेंगी, जिससे स्थानीय नागरिकों को परेशानी होगी। याचिकाकर्ताओं ने संबंधित स्थानों पर वेंडिंग जोन बनाने पर रोक लगाने की मांग की थी। कोर्ट ने प्रत्यावेदन पर नियमानुसार निर्णय लेने के निर्देश देते हुए याचिका निस्तारित कर दी।



