


रुद्रपुर(आरएनएस)। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना युवाओं के लिए स्वरोजगार का बड़ा सहारा बन रही है। रुद्रपुर में वित्तीय वर्ष 2026-27 में योजना के तहत 61 लोगों ने लोन के लिए आवेदन किया। इनमें से 51 आवेदनों को बैंकों ने मंजूरी दे दी, जबकि 10 आवेदन विभिन्न कारणों से निरस्त कर दिए गए। जिला उद्योग केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार, योजना का उद्देश्य स्थानीय युवाओं को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए आर्थिक मदद देना है, ताकि वे नौकरी मांगने के बजाय नौकरी देने वाले बन सकें। इसके तहत ब्यूटी पार्लर, मोबाइल रिपेयरिंग, जनरल स्टोर, वेल्डिंग शॉप, डेयरी, बेकरी और सर्विस सेंटर जैसे छोटे व्यवसायों के लिए ऋण दिया जाता है। जिला खादी ग्रामोद्योग अधिकारी बीसी बुधानी ने बताया कि 61 आवेदकों में से 51 की फाइलें सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद बैंकों ने मंजूर कर दी हैं। लाभार्थियों को जल्द ऋण राशि वितरित की जाएगी, जिससे वे अपना व्यवसाय शुरू कर सकेंगे। वहीं, 10 आवेदन निरस्त होने के प्रमुख कारणों में कम सिविल स्कोर, जीएसटी पंजीकरण न होना और बैंक की फील्ड जांच में खामियां मिलना शामिल हैं। कई आवेदकों का पुराना ऋण बकाया था, जबकि कुछ के दस्तावेज अधूरे थे। जांच के दौरान कुछ आवेदकों के बताए गए पते पर व्यवसाय स्थल नहीं मिला, जिसके चलते बैंक ने आवेदन रोक दिए। विभाग के अनुसार, जिनके आवेदन निरस्त हुए हैं, उन्हें कमियां दूर कर दोबारा आवेदन करने की सलाह दी गई है। सिविल स्कोर सुधारने और जीएसटी प्रक्रिया पूरी करने के बाद वे दोबारा पात्र हो सकते हैं। योजना से लाभान्वित युवाओं का कहना है कि सरकारी योजना के तहत ऋण और सब्सिडी मिलने से अपना काम शुरू करना आसान हुआ है। इससे न केवल उन्हें रोजगार मिला, बल्कि दो से तीन अन्य लोगों को भी रोजगार देने का अवसर मिला। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना उत्तराखंड सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में शामिल है। इसके तहत विनिर्माण क्षेत्र में 25 लाख और सेवा क्षेत्र में 10 लाख रुपये तक के ऋण का प्रावधान है। सामान्य वर्ग के लाभार्थियों को 15 प्रतिशत और एससी-एसटी, महिलाओं तथा दिव्यांगों को 20 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाती है। योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक उत्तराखंड का स्थायी निवासी और 18 से 50 वर्ष की आयु का होना चाहिए।



