
बागेश्वर(आरएनएस)। अल्मोड़ा मैग्नेसाइट वर्कर्स यूनियन ने कंपनी को बंद होने से बचाने के लिए सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। यूनियन ने ज्ञापन में कहा कि वित्तीय संकट के चलते कंपनी मशीनरीकरण नहीं करा पा रही है। वहीं, 80 लाख रुपये का बिजली बिल बकाया होने के कारण फैक्ट्री की बिजली आपूर्ति भी काट दी गई है। यूनियन अध्यक्ष शांतिलाल और मंत्री गायत्री प्रसाद ने कहा कि कंपनी को सुचारू रूप से चलाने के लिए कम से कम 10 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता जरूरी है। कर्मचारियों के पीएफ के 1.35 करोड़ रुपये भी अब तक नहीं मिले हैं, जिससे उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। यूनियन ने चार माह तक बिजली बिल में राहत देकर आपूर्ति बहाल करने और बोर्ड की बैठक बुलाकर आर्थिक सहायता देने की मांग की है। उत्पादन शुरू होने के बाद बिजली बिल किस्तों में जमा करने की बात कही है।
एक साल से अधिक समय तक बंद रही कंपनी: यूनियन के अनुसार, छह जनवरी 2025 को खड़िया खनन में अवैज्ञानिक तरीके से खनन के चलते उच्च न्यायालय ने बागेश्वर जिले में खनन पर रोक लगा दी थी। इसकी चपेट में अल्मोड़ा मैग्नेसाइट कंपनी भी आ गई और एक साल से अधिक समय तक बंद रही। इससे करीब 500 कर्मचारियों की रोजी-रोटी प्रभावित हुई, जबकि पांच हजार परिवारों पर भी असर पड़ा। लंबे समय तक बंद रहने से कंपनी को करीब 20 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ और मशीनें, जेसीबी व अन्य उपकरण भी जंग लगने से खराब हो गए। उत्तराखंड सरकार के प्रयासों से 25 फरवरी 2026 को उच्च न्यायालय ने कंपनी पर लगी रोक हटा दी थी। यूनियन ने अब कंपनी की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए बोर्ड की बैठक जल्द कराने की मांग की है।

