
अल्मोड़ा। भैंसियाछाना क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की मांग को लेकर मंगलवार को उत्तराखंड क्रांति दल के नेतृत्व में ग्रामीणों ने धरना-प्रदर्शन किया। आंदोलनकारियों ने स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों, दवाइयों और अन्य आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग उठाते हुए प्रशासन को एक माह का समय दिया। यूकेडी नेता विनय किरोला के नेतृत्व में आयोजित धरने को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि भैंसियाछाना क्षेत्र की जनता लंबे समय से बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की मांग कर रही है, लेकिन आज भी सामान्य उपचार और आपातकालीन चिकित्सा के लिए लोगों को दूरस्थ अस्पतालों का रुख करना पड़ता है। उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र में एएनएम की नियुक्ति, आवश्यक दवाइयों की नियमित उपलब्धता, 24 घंटे आपातकालीन चिकित्सा सेवा, प्रसव सुविधाएं, एक्स-रे मशीन, पर्याप्त एंटी-वेनम तथा रक्त जांच की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की। ग्रामीणों का कहना था कि दूरस्थ क्षेत्र होने के कारण गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और गंभीर मरीजों को उपचार के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। यूकेडी के जिला अध्यक्ष दिनेश जोशी ने कहा कि यदि प्रशासन एक माह के भीतर स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार के लिए ठोस कदम नहीं उठाता है तो क्रमिक अनशन सहित आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। धरना समाप्त होने के बाद प्रभारी चिकित्सक को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में एक माह के भीतर सभी प्रमुख मांगों को पूरा करने की मांग की गई। धरना-प्रदर्शन में यूकेडी के केंद्रीय मंत्री गिरीश नाथ गोस्वामी, ग्राम प्रधान रूपा मेहता, पूर्व प्रधान जगत सिंह वाणी, सुंदर मेहता, केसर सिंह मेहता, वीरेंद्र सिंह, मोहन सिंह, दीवान सिंह, इंद्र सिंह, दीपा वर्मा, चंद्रा मेहता, गणेश सिंह, आशीष भट्ट, कुंदन सिंह, संजय सिंह चम्याल, नीरज सिंह चम्याल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे।



