
नई टिहरी(आरएनएस)। बालगंगा तहसील के ग्राम पंचायत कोट बूढ़ाकेदार और विशन क्षेत्र में 15 अगस्त की मध्यरात्रि हुई अतिवृष्टि के बाद भारी मलबा और भूस्खलन आने से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गईं। मलबे के चलते एक शौचालय की दीवार ढह गई और मलबा रिहायशी घरों में जा घुसा। इसके अलावा पेयजल लाइन, संपर्क मार्ग, मुख्य पुल और प्रमुख रास्ते क्षतिग्रस्त होने से ग्रामीणों की आवाजाही और मूलभूत सुविधाएं प्रभावित हुई हैं।ग्रामीण राजेंद्र लेखवार ने बताया कि कोट बूढ़ाकेदार क्षेत्र पहले से ही अति संवेदनशील है। वर्ष 2002 में आपदा में तीन लोगों की मौत हुई थी, जबकि 2018 में एक ही परिवार के सात लोग मलबे में दबकर जान गंवा चुके हैं। वर्ष 2018 में 32 और 2022-23 में 28 परिवारों का विस्थापन किया गया, लेकिन प्रशासन की सूची में दर्ज अन्य प्रभावित परिवारों का अब तक विस्थापन नहीं हो पाया है। इधर, बालगंगा तहसीलदार महेशा ने बताया कि भारी बारिश के कारण बूढ़ाकेदार के कोट और विशन में मलबा आया था, जिसे हटा लिया गया है। राजस्व टीम सुबह ही मौके पर पहुंच गई थी और स्थिति का जायजा लिया गया। तहसीलदार ने बताया कि यदि कोई परिवार अत्यधिक प्रभावित या खतरे की जद में पाया जाता है तो भूगर्भीय टीम से स्थलीय निरीक्षण कराया जाएगा। जांच के आधार पर आवश्यकतानुसार प्रभावित परिवारों के विस्थापन की कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत देने, क्षतिग्रस्त पेयजल लाइन, पुल और रास्तों को दुरुस्त करने तथा खतरे की जद में रह रहे परिवारों का जल्द सुरक्षित स्थान पर विस्थापन करने की मांग की है।

