
पौड़ी(आरएनएस)। विकासखंड खिर्सू स्थित जाख डाकघर में कथित फर्जी निकासी मामले में डाक विभाग ने जांच शुरू कर दी है। डाकघर के कार्यों में गतिरोध न हो इसके लिए विभाग ने फिलहाल एक कर्मचारी को तैनात किया है।जाख डाकघर में खाताधारकों के खातों में जमा धनराशि को फर्जी तरीके से निकाले जाने पर ग्रामीणों ने डाकघर के हरियाणा मूल के ब्रांच पोस्टमास्टर व सहायक पोस्टमास्टर पर आरोप लगाए थे। इस संबंध में बीते बृहस्पतिवार को जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणों ने मुख्य डाकघर पौड़ी के डाक अधीक्षक से मुलाकात कर मामले की जांच व आरोपियों पर कार्रवाई की मांग उठाई थी। मामले का संज्ञान लेते हुए अधीक्षक विपिन भट्ट ने दोनों कर्मचारियों को निलंबित कर दिया था। साथ ही तीन सदस्यीय समिति गठित कर जांच के आदेश दिए थे। जांच अधिकारी डाक निरीक्षक अवधेश कुमार ने बताया कि ग्राम प्रधान को डाकघर के सभी खाताधारकों की पासबुक विभाग को सौंपने को कहा गया है। जाख डाकघर में जाख समेत दोंदड़ी, चिमनियूं, थापला, संगलदर व असिंगी गांवों के करीब 350 खाताधारक हैं। सभी की पासबुक की जांच कर धन निकासी का ब्योरा देखा जाएगा। मामले में कहां फर्जी निकासी हुई है जांच के बाद ही स्थिति साफ हो सकेगी।
ग्राम प्रधान की डाक डेढ़ महीने बाद भी नहीं मिली
जाख के ग्राम प्रधान मनीष रावत भी डाकघर के कर्मचारियों से परेशान हैं। बताया कि कैनरा बैंक से एटीएम कार्ड बीते 6 जून को जारी हुआ था लेकिन आज तक भी प्राप्त नहीं हुआ। जबकि प्रधान का घर डाकघर से महज 50 मीटर की दूरी पर है। कर्मियों को फोन करने पर पता किया तो बताया गया कि डाक कमरे में पड़ी है। बताया कि डाक कर्मियों ने उनकी पंजीकृत डाक खुद ही रिसिव कर ली थी और बांटी भी नहीं। बताया कि हरियाणा मूल के ये कर्मचारी ग्रामीणों से सीधे मुंह बात भी नहीं करते। इसकी शिकायत भी विभागीय अधिकारियों से की गई थी लेकिन विभाग ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।
