
विकासनगर(आरएनएस)। सेवारत शिक्षकों पर टीईटी की बाध्यता लागू करने के विरोध में प्राथमिक शिक्षक संघ ने शुक्रवार को खंड शिक्षाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद तहसील मुख्यालय पहुंचे शिक्षकों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपते हुए कहा कि वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों पर नया नियम लागू करना अन्यायपूर्ण है। प्रदेश में बड़ी संख्या में ऐसे शिक्षक हैं जो पिछले 20 से 27 वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इन शिक्षकों की नियुक्ति उस समय हुई थी, जब टीईटी परीक्षा अनिवार्य नहीं थी। उनका तर्क है कि इतने वर्षों बाद सेवा शर्तों में बदलाव करना उचित नहीं है और इससे शिक्षकों के भविष्य पर अनिश्चितता का खतरा पैदा हो सकता है। प्रदर्शनकारी शिक्षकों का नेतृत्व कर रहे प्राथमिक शिक्षक संघ की ब्लॉक अध्यक्ष मधु पटवाल और ब्लॉक मंत्री कमल सुयाल ने कहा कि नौकरी के बाद निर्धारित पात्रता व योग्यता मानदण्डों को पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर लागू करना न्यायोचित प्रतीत नहीं होता है। दशकों से सेवा दे रहे शिक्षकों के अनुभव, कार्यकुशलता व योगदान को समुचित महत्व दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि टीईटी की अनिवार्यता शिक्षकों और उनके परिवारों के भविष्य को अनिश्चितता में डालने के साथ ही शिक्षा व्यवस्था की स्थिरता और शिक्षकों के मनोबल दोनों को प्रभावित करेगा। केंद्र सरकार जरूरी विधायी और नीतिगत हस्तक्षेप कर इस वर्ग को उचित संरक्षण प्रदान कर सकती है। उन्होंने कहा कि किसी भी पात्रता मानदंड को पूर्व प्रभाव से लागू करने के प्रश्न पर न्याय, समानता एवं विधिक निश्चितता के सिद्धांतों के आलोक में पुनर्विचार अपेक्षित है। इसके साथ ही शिक्षकों ने पुरानी पेंशन बहाली की मांग भी सरकार से ही है। शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि नई पेंशन योजना किसी सरकारी कर्मचारी के हित में नहीं है। इस योजना के तहत शिक्षक, कर्मचारियों को आर्थिक सुरक्षा नहीं मिल रही है। पारिवारिक आर्थिक सुरक्षा के संबंध में भी एनपीएस के तहत स्पष्ट नीति नहीं होने के कारण शिक्षक और उनके परिजन आर्थिक असुरक्षा की भावना से ग्रसित हो रहे हैं। कहा कि पुरानी पेंशन योजना प्रत्येक सरकारी कर्मचारी का मूल अधिकार है, जिसे लेकर रहेंगे। प्रदर्शन करने वालो में प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला कोषाध्यक्ष योगेश गुप्ता, लेखराज तोमर, कुलदीप तोमर, दिनेश आचार्य, रवणीर राय, विनीत कुमार, भूपेश पुरोहित, राजेश सैनी, मो. इरशाद, अमित महेंद्रू, बलवीर सिंह, बलीराम, नीलम गुलेरिया, सुरजीत सिंह, नारायण दत्त जोशी, रिजवान हुसैन, भूपेंद्र शेखर, दीप्ति माला, मोनिका काला, जितेंद्र चौहान आदि शामिल रहे।
