
चमोली(आरएनएस)। चतुर्थ केदार रुद्रनाथ के दर्शनों से लौटने के बाद केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने जिलाधिकारी कार्यालय में अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने जनपद के सीमांत क्षेत्रों में वाइब्रेंट विलेज योजना के अंतर्गत संचालित विकास कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए जनपद में टेक्नोलॉजी हब विकसित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि सीमांत क्षेत्रों में आधुनिक तकनीक, डिजिटल सुविधाओं एवं नवाचार आधारित योजनाओं को बढ़ावा देकर युवाओं के लिए नए अवसर तैयार किए जा सकते हैं।
केंद्रीय गृह सचिव ने कहा कि वाइब्रेंट विलेज योजना के अंतर्गत जिले के सीमांत गांवों के लिए बड़ी एवं दीर्घकालिक विकास योजनाओं के प्रस्ताव तैयार किए जाएं ताकि इन क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल सके। उन्होंने स्थानीय हस्तशिल्प एवं पारंपरिक उत्पादों को बढ़ावा देने पर जोर दिया। रुद्रनाथ मंदिर ट्रैक रूट के सुनियोजित विकास के लिए डीपीआर तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने बदरीनाथ मास्टर प्लान की प्रगति की जानकारी भी ली। जिलाधिकारी गौरव कुमार ने उन्हें अवगत कराया कि मास्टर प्लान के अधिकांश कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं जबकि फेज-दो और फेज-तीन के कार्य वर्तमान में प्रगति पर हैं। इस मौके पर पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

