

देहरादून। जिला प्रशासन ने नियमों का उल्लंघन कर संचालित हो रहे होमस्टे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 96 होमस्टे के पंजीकरण निरस्त कर दिए हैं। प्रशासन ने मई माह में दो चरणों में कार्रवाई करते हुए पहले 17 और दूसरे चरण में 79 होमस्टे का पंजीकरण रद्द किया।
जिला प्रशासन की पांच मजिस्ट्रेट टीमों ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में 136 होमस्टे का निरीक्षण किया था। जांच के दौरान कई होमस्टे उत्तराखंड गृह आवास नियमावली के मानकों के विपरीत संचालित पाए गए। इसके बाद प्रशासन ने इनके पंजीकरण निरस्त करने की कार्रवाई शुरू की और पर्यटन विभाग की वेबसाइट से हटाने की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई।
डीएम सविन बंसल ने बताया कि “ऑपरेशन सफाई” के तहत यह कार्रवाई की गई है और आगे भी अभियान जारी रहेगा। सहसपुर और रायपुर विकासखंड के नगरीय क्षेत्रों में पंजीकृत होमस्टे की जांच के लिए अलग-अलग समितियां गठित की गई थीं।
निरीक्षण में कई होमस्टे में रसोई की व्यवस्था नहीं मिली, जबकि कई स्थानों पर अग्निशमन उपकरण अनुपलब्ध या एक्सपायरी पाए गए। कुछ होमस्टे पंजीकृत होने के बावजूद संचालित नहीं मिले।
प्रशासनिक जांच में यह भी सामने आया कि कई होमस्टे लीज पर संचालित किए जा रहे थे। जिला प्रशासन के अनुसार शहर में बढ़ती आपराधिक घटनाओं, नशाखोरी और ओवरस्पीड जैसी गतिविधियों के पीछे कुछ होमस्टे में नियम विरुद्ध गतिविधियां भी सामने आई हैं।
डीएम ने कहा कि होमस्टे योजना का उद्देश्य स्थानीय संस्कृति, पारंपरिक खानपान और ग्रामीणों की आय को बढ़ावा देना है, लेकिन कई स्थानों पर होमस्टे का संचालन होटल और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की तरह किया जा रहा था।

