

अल्मोड़ा। मरचूला क्षेत्र के श्मशान घाट पर जयमाला कार्यक्रम आयोजित किए जाने के मामले में रिसॉर्ट प्रबंधन ने माफी मांगते हुए प्रशासन को लिखित स्पष्टीकरण सौंप दिया है। प्रशासन की ओर से जारी नोटिस के बाद यह जवाब शनिवार को तहसील में जमा कराया गया। तहसीलदार आबिद अली ने बताया कि रिसॉर्ट प्रबंधन ने अपने स्पष्टीकरण में कहा है कि गाजियाबाद से आए पर्यटकों को पहले ही यह जानकारी दे दी गई थी कि चयनित स्थल श्मशान घाट है। इसके बावजूद पर्यटकों ने अपनी इच्छा से वहीं जयमाला और फोटोशूट कराने का निर्णय लिया।
प्रबंधन के अनुसार, आयोजन को लेकर आपत्ति भी जताई गई थी, लेकिन पर्यटकों ने इसे नजरअंदाज करते हुए कार्यक्रम संपन्न कराया। विवाद बढ़ने के बाद पर्यटकों की ओर से ई-मेल के माध्यम से अपनी गलती स्वीकार करते हुए माफी मांगी गई है। पत्र में कहा गया है कि यदि किसी की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं तो वे इसके लिए क्षमाप्रार्थी हैं।
रिसॉर्ट प्रबंधक राकेश शर्मा ने भी भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न होने का आश्वासन दिया है।
प्रशासन ने मामले को गंभीर मानते हुए रिसॉर्ट प्रबंधन को सख्त चेतावनी दी है कि बिना अनुमति संवेदनशील स्थानों पर किसी भी प्रकार के आयोजन न किए जाएं। साथ ही पर्यटन विभाग को भी मामले की जानकारी भेजते हुए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
गौरतलब है कि सल्ट ब्लॉक के मरचूला क्षेत्र में रामगंगा और बदनगढ़ नदियों के संगम स्थित श्मशान घाट पर कुछ दिन पहले जयमाला कार्यक्रम आयोजित किए जाने के बाद क्षेत्र में नाराजगी फैल गई थी। स्थानीय लोगों ने इसे धर्म और संस्कृति के विपरीत बताते हुए कड़ी आपत्ति जताई थी। मामले के सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने संज्ञान लेते हुए रिसॉर्ट प्रबंधन को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा था।

