
अल्मोड़ा। जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक केंद्रीय राज्य मंत्री एवं सांसद अजय टम्टा की अध्यक्षता में आयोजित हुई, जिसमें जनपद में संचालित विभिन्न केंद्रीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्राथमिकता है। इसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ पारदर्शिता और गुणवत्ता बनाए रखते हुए समयबद्ध तरीके से कार्य करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। सड़क निर्माण कार्यों की समीक्षा के दौरान गुणवत्ता बनाए रखने और दुर्गम क्षेत्रों में आवागमन सुगम बनाने के निर्देश दिए गए। स्वास्थ्य विभाग को अस्पतालों में चिकित्सीय सुविधाएं, दवाओं की उपलब्धता और सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने को कहा गया, जबकि शिक्षा विभाग को विद्यालयों में आधारभूत सुविधाएं और शिक्षकों की उपलब्धता सुधारने के निर्देश दिए गए। पेयजल योजनाओं की समीक्षा करते हुए प्रत्येक घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लक्ष्य को समय पर पूरा करने पर जोर दिया गया। कृषि और बागवानी क्षेत्र में किसानों की आय बढ़ाने के लिए आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा देने और योजनाओं की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए। बैठक में जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने जनपद में चल रहे विकास कार्यों और योजनाओं की प्रगति का प्रस्तुतीकरण किया। उन्होंने बताया कि योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग और फील्ड निरीक्षण के माध्यम से लक्ष्यों को समयसीमा के भीतर पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा कि योजनाओं का प्रभाव केवल कागजों तक सीमित न रहकर धरातल पर दिखाई देना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को जनसमस्याओं के त्वरित समाधान और जनप्रतिनिधियों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखने के निर्देश दिए। बैठक में जनप्रतिनिधियों ने भी विभिन्न स्थानीय समस्याएं और सुझाव रखे, जिन पर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। इस अवसर पर हेमा गैड़ा, मनोज तिवारी, मोहन सिंह मेहरा, प्रमोद नैनवाल, गंगा बिष्ट, दीपक सिंह, रामजी शरण शर्मा, केएन तिवारी सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।


