
चमोली(आरएनएस)। जीआईसी चौनघाट में विज्ञान विषय शुरू करवाने की मांग के लिए तीन गांव के ग्रामीणों ने ढोल दमाऊं के साथ नंदानगर में जुलूस निकाला। उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि विद्यालय में विज्ञान विषय की पढ़ाई के लिए कई छात्रों को 10 से 15 किमी दूर अन्यत्र जाना पड़ता है जबकि कई छात्र विज्ञान की पढ़ाई से वंचित रह जाते हैं। विकासखंड नंदानगर के दूरस्थ क्षेत्र रामणी, घूनी और पडेरगांव के ग्रामीण राजकीय इंटर कॉलेज चौनघाट (घूनी) में लंबे समय से विज्ञान वर्ग शुरू करवाने की मांग कर रहे हैं। विद्यालय में वर्तमान में 335 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं लेकिन जो छात्र-छात्राएं विज्ञान की पढ़ाई करना चाहते हैं उन्हें दूसरे विद्यालय में जाना पड़ता है। इसके लिए उन्हें 10 से 15 किमी दूर स्थित अन्य विद्यालयों में जाना पड़ता है। ऐसे में अधिकांश छात्र-छात्राएं विज्ञान की पढ़ाई से वंचित रह जाते हैं। इससे गुस्साए तीनों गांवों के ग्रामीण सोमवार को बड़ी संख्या में नंदानगर पहुंचे। सुतोल मोटर मार्ग पर एकत्रित होकर ग्रामीणों ने ढोल दमाऊं के साथ जुलूस निकाला। ग्रामीण खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंचे लेकिन वहां कोई अधिकारी नहीं मिले तो वे कुरुड़ पुल से लक्ष्मी मार्केट होते हुए तहसील पहुंचे। ग्रामीणों ने यहां अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया और तहसीलदार आरके देवली के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। ग्रामीणों ने कहा जब तक विद्यालय में विज्ञान संकाय की मंजूरी नहीं मिल जाती वे आंदोलन स्थगित नहीं करेंगे। वहीं ग्रामीणों के समर्थन में पूर्व विधायक प्रो. जीतराम सहित अन्य जनप्रतिनिधि धरना स्थल पर पहुंचे। प्रदर्शन करने वालों में रामणी के ग्राम प्रधान कुंवर राम, घूनी की प्रधान ममता देवी, पडेरगांव की प्रधान माहेश्वरी देवी, मोहन सिंह रावत, कुंवर राम, महेंद्र सिंह, नरेंद्र सिंह, पूर्व प्रमुख करण सिंह, बीडीसी सदस्य पूरण सिंह, पीटीए अध्यक्ष जितेश सिंह, पार्वती देवी, हरीश रावत, कमलेश गौड़, गोविंद सिंह आदि मौजूद रहे।

