
देहरादून(आरएनएस)। एक महिला ने पहले से बिके हुए और कोर्ट के आदेश पर किसी अन्य व्यक्ति के नाम पंजीकृत हो चुके मकान का दोबारा बैनामा कर बुजुर्ग दंपति से 42.50 लाख रुपये ठग लिए। पीड़िता की शिकायत पर जब पुलिस ने कार्रवाई नहीं की तो उन्होंने न्यायालय की शरण ली। एसीजेएम द्वितीय न्यायालय के आदेश पर कैंट कोतवाली पुलिस ने आरोपी महिला के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। अनारवाला, नयागांव निवासी रंजू थापा ने न्यायालय को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि एक परिचित के माध्यम से उनकी मुलाकात जैंतनवाला निवासी नीता गुरुंग से हुई थी। नीता ने घंघोड़ा स्थित अपना मकान 42.50 लाख रुपये में बेचने की डील की। सभी कागजात सही बताकर और विश्वास में लेकर नीता ने 22 अगस्त 2025 को रंजू थापा के नाम मकान का बैनामा कर दिया और पूरी रकम ले ली। धोखाधड़ी का खुलासा 27 फरवरी 2026 को तब हुआ जब इन्द्र बहादुर क्षेत्री नाम के व्यक्ति ने पुलिस और कोर्ट का आदेश लेकर मकान खाली कराने पहुंचे। पड़ताल में सामने आया कि आरोपी नीता ने साल 2020 में इन्द्र बहादुर के साथ भी इसी मकान का पांच लाख रुपये में अनुबंध किया था। इसके बाद सिविल कोर्ट में मुकदमा चला और 16 मई 2025 को न्यायालय के आदेश पर मकान इन्द्र बहादुर के नाम दर्ज हो गया। धोखाधड़ी का पता लगने पर पीड़िता ने नीता से अपनी रकम वापस मांगी। तब आरोपी ने उन्हें डराया-धमकाया। पीड़िता के पति बीमार और सेवानिवृत्त बुजुर्ग हैं। महिला ने कैंट पुलिस में शिकायत की। कार्रवाई न होने पर कोर्ट गई। इंस्पेक्टर कैंट केके लुंठी ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर सोमवार को आरोपी नीता गुरुंग के खिलाफ केस दर्ज किया गया।

