
हरिद्वार(आरएनएस)। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से पैरा लीगल वॉलंटियर्स के लिए गुरुवार को प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उनको कानून की जानकारी देते हुए समाज में उनकी भूमिका और जिम्मेदारियों से अवगत कराया गया ताकि वे जरूरतमंद लोगों तक सुलभ न्याय और कानूनी सहायता पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभा सकें। जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नरेंद्र दत्त के दिशा-निर्देश पर प्राधिकरण सभागार में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रभारी सचिव एवं सिविल जज (सीनियर डिवीजन) ज्योति बाला मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उन्होंने पैरा लीगल वॉलंटियर्स से कहा कि वे समाज और न्याय व्यवस्था के बीच महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उनका दायित्व है कि वे जरूरतमंद लोगों को कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करें और उन्हें न्याय प्राप्त करने में सहयोग दें। प्रशिक्षण सत्र में विषय विशेषज्ञों ने कानूनों की जानकारी दी। वन विभाग के अधिवक्ता दिनेश चंद पांडेय ने वन्य जीव संरक्षण अधिनियम, भारतीय वन अधिनियम और वन अधिकार अधिनियम के प्रावधानों पर प्रकाश डाला। डिप्टी लीगल एड डिफेंस काउंसिल रमन कुमार सैनी ने घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम की जानकारी दी। डिप्टी लीगल एड डिफेंस काउंसिल अरविंद कुमार श्रीवास्तव ने पर्यावरण संरक्षण अधिनियम को समझाया। असिस्टेंट लीगल एड डिफेंस काउंसिल रजिया अख्तर ने नवीन भारतीय न्याय संहिता और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता पर प्रकाश डाला। असिस्टेंट लीगल एड डिफेंस काउंसिल आदिल अली ने दहेज प्रतिषेध अधिनियम से अवगत कराया। इसके अलावा वन गूजर ट्राइबल युवा संस्थान की सदस्य सृष्टि सक्सेना ने वन निवासी और जनजातीय समुदायों से जुड़ी समस्याओं तथा उनके कानूनी अधिकारों पर विस्तार से चर्चा की। कार्यक्रम के समापन पर प्रभारी सचिव ज्योति बाला ने पैरा लीगल वॉलंटियर्स से प्रशिक्षण के संबंध में फीडबैक लिया और उन्हें 14 मार्च को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत का प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। प्रशिक्षण कार्यक्रम में लगभग 95 पैरा लीगल वालंटियर मौजूद रहे।


