
हरिद्वार (आरएनएस)। हरिद्वार रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को ट्रेन में सीट दिलाने का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह के दो और सदस्यों को रेलवे पुलिस ने बिहार के सीतामढ़ी जिले से गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर हरिद्वार लाकर अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। इस गिरोह के अब तक चार सदस्य गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
शनिवार को एसपी जीआरपी अरुणा भारती ने बताया कि हाल के दिनों में रेलवे स्टेशन पर बाहरी राज्यों से आने वाले मजदूरों और यात्रियों के साथ ठगी की घटनाएं सामने आ रही थीं। अयोध्या के मंझनपुर निवासी मनोज कुमार तिवारी ने 24 जनवरी को जीआरपी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि 31 दिसंबर 2025 को वह हरिद्वार से घर लौट रहे थे। ट्रेन में आरक्षण नहीं होने पर एक युवक ने खुद को टीटी का रिश्तेदार बताकर सीट कंफर्म कराने का भरोसा दिलाया और उनका मोबाइल फोन, आधार कार्ड तथा पिन ले लिया। इसके बाद उनके खाते से यूपीआई के माध्यम से 60,500 रुपये निकाल लिए गए।
जीआरपी थाना प्रभारी निरीक्षक बिपिन चंद्र पाठक ने बताया कि मुकदमा दर्ज करने के बाद बैंक खातों और मोबाइल नंबरों की जांच की गई। जांच में एक मोबाइल नंबर झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले के प्रह्लाद सिंह के नाम पर मिला। पूछताछ में पता चला कि उसका मोबाइल और दस्तावेज पहले ही चोरी हो चुके थे और उनका इस्तेमाल ठग गिरोह कर रहा था।
तकनीकी साक्ष्यों और कॉल डिटेल रिकॉर्ड के आधार पर आरोपियों राजेश कुमार और विपिन कुमार की लोकेशन बिहार के सीतामढ़ी जिले के बेला थाना क्षेत्र स्थित सिरसिया बाजार में मिली। पुलिस टीम ने वहां दबिश देकर दोनों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में गिरोह के एक अन्य सदस्य रामकिशोर यादव का नाम भी सामने आया, जिसे पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
पुलिस के अनुसार गिरोह के सदस्य पहचान छिपाने के लिए अलग-अलग मोबाइल और सिम कार्ड का इस्तेमाल करते थे। वारदात के दौरान चोरी के मोबाइल और सिम से ऑनलाइन लेनदेन कर कुछ समय बाद उन्हें नष्ट कर दिया जाता था। गिरोह खासतौर पर बिहार, झारखंड और पूर्वांचल के मजदूरों को निशाना बनाता था और स्थानीय बोली में बातचीत कर उनका विश्वास जीत लेता था। वारदात के बाद आरोपी पांच से सात दिन में अपना ठिकाना बदल लेते थे, जिससे उन्हें पकड़ना मुश्किल हो जाता था।

