
देहरादून(आरएनएस)। दून अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी की वर्दी फाड़ने और उस पर जानलेवा हमला करने के मामले में जिला जज प्रेम सिंह खिमाल ने आरोपी को बरी कर दिया है। कोर्ट ने अपने फैसले में पुलिस की विवेचना में खामियों और गवाहों के बयानों में भारी विरोधाभास को आधार मानते हुए आरोपी सरदार अर्जुन सिंह को दोषमुक्त करार दिया। यह मामला 24 अगस्त 2016 का है। जब दून अस्पताल की इमरजेंसी में हुए बवाल के बाद कोतवाली नगर में मुकदमा दर्ज किया गया था। ट्रायल पर सामने आया कि आरोपी का नाम सरदार अर्जुन सिंह है। घटना में पीड़ित के साथी सिपाही बलवंत सिंह ने कोर्ट में गवाही दी कि झगड़ा करने वाले ने पगड़ी नहीं बांधी थी और न ही उसके बाल सरदारों वाले थे। आरोप था कि सिपाही रंजीत सिंह राणा पर धारदार हथियार से हमला हुआ। कोर्ट में पीड़ित सिपाही ने माना कि हमला चाकू, खुकरी या तलवार से नहीं हुआ था। पुलिस ने आरोपी के पास से एक खून से सना कड़ा बरामद दिखाया था। फोरेंसिक जांच के लिए उसे भेजा ही नहीं गया। यह साबित नहीं हो सका कि कड़े पर लगा खून घायल सिपाही का ही था। ऐसे कई अन्य संदेह का लाभ आरोपी को मिला।
