Skip to content

RNS INDIA NEWS

आपकी विश्वसनीय समाचार सेवा

Primary Menu
  • मुखपृष्ठ
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • राज्य
    • उत्तराखंड
      • अल्मोड़ा
      • उत्तरकाशी
      • ऊधम सिंह नगर
      • बागेश्वर
      • चम्पावत
      • नैनीताल
      • पिथौरागढ़
      • चमोली
      • देहरादून
      • पौड़ी
      • टिहरी
      • रुद्रप्रयाग
      • हरिद्वार
    • अरुणाचल
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तर प्रदेश
    • गुजरात
    • छत्तीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सोलन
    • दिल्ली
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • मणिपुर
    • राजस्थान
    • त्रिपुरा
  • अर्थ जगत
    • बाजार
  • खेल
  • विविध
    • संस्कृति
    • न्यायालय
    • रहन-सहन
    • मनोरंजन
      • बॉलीवुड
  • Contact Us
  • About Us
  • PRIVACY POLICY
Light/Dark Button
Watch
  • Home
  • राज्य
  • उत्तराखंड
  • पौड़ी
  • बैसाखी पर्व पर देवलगढ़ में श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़
  • पौड़ी

बैसाखी पर्व पर देवलगढ़ में श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़

RNS INDIA NEWS 14/04/2025
default featured image

श्रीनगर गढ़वाल(आरएनएस)। बैसाखी पर्व पर सोमवार को देवलगढ़ स्थित गौरादेवी मंदिर परिसर में आयोजित बीखोत मेले में भक्तों की भीड़ उमड़ी। इस दौरान श्रद्धालुओं ने मां गौरा देवी मंदिर में पूजा अर्चना कर आशीर्वाद लिया। कटलस्यूं और चलनस्यूं पट्टी के दर्जनों गांव के ग्रामीणों के साथ अन्य क्षेत्रों से भी लोग यहां दर्शन के लिए पहुंचे। देवलगढ़ मंदिर में क्षेत्र की ईष्ट देवी राजराजेश्वरी की पूजा-अर्चना के साथ मेले का शुभारंभ किया गया। इस दौरान मंदिर परिसर में मॉं राजराजेश्वरी की डोली को झुलाया गया। देवलगढ़ मंदिर के पुजारी कुंजिका प्रसाद उनियाल ने बताया कि मेले में बुघाणी व सुमाड़ी गांव का विशेष महत्व है। पूरे साल भर इस मेले का लोगों को बेसब्री से इंतजार रहता है। मेले का आयोजन बुघाणी गांव (ससुराल पक्ष) द्वारा कराया जाता है। जब सुमाड़ी गांव (मायका पक्ष) के ग्रामीण देवलगढ पहुंचते हैं तब राजराजेश्वरी को झूला झुलाया जाता हैं। देवलगढ़ में प्रत्येक वर्ष बैसाखी मेले का आयोजन बड़े स्तर पर किया जाता है। ग्रामवासी माँ के भजनों के साथ सुमाड़ी से पैदल यात्रा करते हुए बुघाणी पहुचंकर माँ गौरा के मंदिर मे विश्राम करते हैं और पुनः जत्थे के साथ माँ गौरा के मंदिर देवलगढ के लिए प्रस्थान करते हैं। इस दौरान गाँव के सभी बच्चे-बूढ़े माता के भजनों को गाते हुए चलते हैं, जिससे वातावरण माँ गौरा के जै कारों से गुंजायमान रहता है। स्थानीय लोगों के अनुसार इस पर्व को ध्याणी मेले के नाम से भी जाना जाता है। गाँव-गाँव से ढोल दमाऊँ के साथ जत्थे माँ गौरा के प्रांगण में पहुँचते है। बैसाखी के दिन यहाँ बड़े मेला का आयोजन होता है। इस दिन गौरा देवी को हिंडोला पर मंदिर से बाहर लाया जाता है और मां गौरा के प्रांगण में बुघाणी ग्राम के लोगों द्वारा जयकारों के साथ हिंडोला (झूला) झुलाया जाता है। इस मौके पर पुजारी शक्ति प्रसाद उनियाल, पंकज उनियाल, दीपक उनियाल, दीपक पुंडीर आदि मौजूद थे।

शेयर करें..

Post navigation

Previous: गौरीकुंड में ग्रीष्मकाल के लिए खुले मां गौरामाई मंदिर के कपाट
Next: पिंडारी क्षेत्र में कैमरे लगाकर लौटी वन विभाग की टीम

Related Post

default featured image
  • देहरादून
  • पौड़ी

स्व. अंकिता भंडारी के नाम पर होगा अब राजकीय नर्सिंग कॉलेज डोभ (श्रीकोट) का नाम, शासनादेश जारी

RNS INDIA NEWS 08/01/2026 0
default featured image
  • पौड़ी

पौड़ी कलक्ट्रेट गेट पर यूकेडी ने सरकार का पुतला जलाया

RNS INDIA NEWS 30/12/2025 0
default featured image
  • पौड़ी

नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क के वनारक्षी कन्हैया को मिला स्वर्ण पदक

RNS INDIA NEWS 30/12/2025 0

[display_rns_ad]

यहाँ खोजें

Quick Links

  • About Us
  • Contact Us
  • PRIVACY POLICY

ताजा खबर

  • मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को दी मकर संक्रांति पर्व की शुभकामनाएं
  • राशिफल 14 जनवरी
  • किसान की आत्महत्या सरकार की विफलता का प्रमाण: प्रीतम
  • कचरा मैन बन स्वयं सेवियों ने निकाली स्वच्छता जागरूकता रैली
  • आपसी विवाद में युवक को मारी गोली, गंभीर घायल
  • चोरी के शक में मजदूर की पीट-पीटकर हत्या, तीन आरोपी गिरफ्तार

Copyright © rnsindianews.com | MoreNews by AF themes.