Skip to content

RNS INDIA NEWS

आपकी विश्वसनीय समाचार सेवा

Primary Menu
  • मुखपृष्ठ
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • राज्य
    • उत्तराखंड
      • अल्मोड़ा
      • उत्तरकाशी
      • ऊधम सिंह नगर
      • बागेश्वर
      • चम्पावत
      • नैनीताल
      • पिथौरागढ़
      • चमोली
      • देहरादून
      • पौड़ी
      • टिहरी
      • रुद्रप्रयाग
      • हरिद्वार
    • अरुणाचल
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तर प्रदेश
    • गुजरात
    • छत्तीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सोलन
    • दिल्ली
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • मणिपुर
    • राजस्थान
    • त्रिपुरा
  • अर्थ जगत
    • बाजार
  • खेल
  • विविध
    • संस्कृति
    • न्यायालय
    • रहन-सहन
    • मनोरंजन
      • बॉलीवुड
  • Contact Us
  • About Us
  • PRIVACY POLICY
Light/Dark Button
Watch
  • Home
  • राज्य
  • उत्तराखंड
  • वित्त आयोग ने सराहा उत्तराखंड का वित्तीय प्रबंधन
  • उत्तराखंड
  • देहरादून

वित्त आयोग ने सराहा उत्तराखंड का वित्तीय प्रबंधन

RNS INDIA NEWS 19/05/2025
default featured image

 – कहा-विकासशील राज्य में संतुलित राजकोषीय घाटा बुरी स्थिति नहीं
– उत्तराखंड वित्तीय चुनौतियों को लेकर जागरूकः डा पनगढ़िया
– आयोग ने कहा-आय बढ़ाने के लिए प्रयास कर रहा है राज्य

देहरादून(आरएनएस)।  उत्तराखंड के दौरे पर आए 16 वें वित्त आयोग ने उत्तराखंड के वित्तीय प्रबंधन को सराहा है। आयोग के अध्यक्ष डा अरविंद पनगढ़िया ने कहा कि किसी भी विकासशील राज्य में यदि संतुलित राजकोषीय घाटा है, तो यह बुरी स्थिति नहीं है। हां, यह घाटा ज्यादा ना होने पाए, इसका ध्यान रखना जरूरी है। उन्होंने कहा-वित्तीय चुनौतियों को लेकर उत्तराखंड जागरूक है और सही तरीके से काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य अपनी आमदनी को बढ़ाने के लिए प्रयासरत है। इसमें बढ़ोत्तरी की पूरी संभावना है।
सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में डा पनगढ़िया ने कहा कि उत्तराखंड की प्रति व्यक्ति आय अच्छी है। यह राष्ट्रीय औसत से अधिक है। इसको और बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि आज तक जितने आयोग बने हैं, उन्होंने हिमालयी राज्यों की विशिष्ट भौगोलिक स्थितियों को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थाएं की हैं। उन्होंने केंद्र और राज्यों के बीच कर बंटवारे की व्यवस्था को विस्तार से समझाया। उन्होंने कहा कि संवैधानिक व्यवस्था और आवश्यकताओं के अनुरूप कर से प्राप्त आय केंद्र और राज्यों के बीच विभाजित करने के लिए वित आयोग विधि और सूत्र निर्धारित करता है। डा पनगढ़िया ने कहा कि केंद्र व राज्यों के बीच कर विभाजन के लिए आयोग ने जो सूत्र प्रस्तुत किया है, उसमें राजस्व हिस्सेदारी के निर्धारण के लिए पैमाने तय किए गए हैं। जनसांख्यिकी प्रदर्शन (कम प्रजनन दर के आधार पर ) को 12.5 प्रतिशत, आय के अंतर को 45 प्रतिशत,  जनसंख्या व क्षेत्रफल प्रत्येक के लिए 15 प्रतिशत, वन एवं पारिस्थितिकी के लिए दस प्रतिशत, कर एवं राजकोषीय प्रबंधन को 2.5 प्रतिशत रखा गया है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि स्थानीय निकायों और पंचायतों के विकास के लिए बजट आवंटन के दौरान पूरा ध्यान रखा जाता है। यह राज्यों पर भी निर्भर करता है कि वह अवमुक्त बजट के हिसाब से कैसे काम करते हैं।

शेयर करें..

Post navigation

Previous: कांग्रेस ने की चंडाक में बंद पड़ी मैग्नेसाइट फैक्ट्री संचालन की मांग
Next: फील्ड कर्मियों को मिले बायोमेट्रिक हाजिरी से छूट

Related Post

default featured image
  • देहरादून

मार्शल आर्ट में उत्तराखंड का भविष्य उज्जवल : रेखा आर्या

RNS INDIA NEWS 31/01/2026 0
default featured image
  • देहरादून

कार रेंटल सेंटर पर छापा, निजी वाहनों की चाबियां जब्त

RNS INDIA NEWS 31/01/2026 0
default featured image
  • देहरादून

रणजी ट्रॉफी के अहम मुकाबले में उत्तराखंड की जीत पक्की

RNS INDIA NEWS 31/01/2026 0

Your browser does not support the video tag.

यहाँ खोजें

Quick Links

  • About Us
  • Contact Us
  • PRIVACY POLICY

ताजा खबर

  • राशिफल 01 फरवरी
  • बाड़ेछीना के पास सड़क हादसा, स्कूटी सवार युवक की मौके पर मौत
  • ज्योतिर्मठ में ध्वस्त होंगे भू धंसाव के समय जर्जर हुए 55 भवन, टेक्निकल टीम ने किया सर्वे
  • यूजीसी नियमों के विरोध में राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन
  • मार्शल आर्ट में उत्तराखंड का भविष्य उज्जवल : रेखा आर्या
  • कार रेंटल सेंटर पर छापा, निजी वाहनों की चाबियां जब्त

Copyright © rnsindianews.com | MoreNews by AF themes.