
हरिद्वार(आरएनएस)। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) की स्नातक स्तरीय प्रतियोगी परीक्षा को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। जनपद के 53 परीक्षा केंद्रों पर 14 जून को आयोजित होने वाली परीक्षा को निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए व्यापक सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्थाएं की गई हैं। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने अधिकारियों को परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए हैं। कलेक्ट्रेट सभागार में गुरुवार को आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी ने बताया कि परीक्षा सुबह 11 बजे से दोपहर एक बजे तक बैठक की। परीक्षा के सफल संचालन के लिए नोडल अधिकारी, जोनल मजिस्ट्रेट और सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं, जो आपसी समन्वय के साथ परीक्षा व्यवस्था की निगरानी करेंगे। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी परीक्षा केंद्रों पर पेयजल, स्वच्छता, विद्युत आपूर्ति, बैठने की व्यवस्था और अभ्यर्थियों के लिए सुगम प्रवेश एवं निकास की व्यवस्था समय रहते सुनिश्चित कर ली जाए। उन्होंने कहा कि परीक्षा केंद्रों पर सभी तैयारियां निर्धारित समय से पहले पूरी कर ली जाएं। उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को प्रत्येक केंद्र पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने के निर्देश दिए। संवेदनशील केंद्रों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। परीक्षा से पूर्व होटल, लॉज, गेस्ट हाउस और कोचिंग संस्थानों की सघन जांच कर किसी भी प्रकार की नकल या अनुचित गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जाएगा। जिलाधिकारी ने बताया कि परीक्षा से एक दिन पहले सभी केंद्रों का प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों द्वारा संयुक्त निरीक्षण किया जाएगा। सीसीटीवी कैमरों, जैमर और अन्य सुरक्षा उपकरणों की कार्यशीलता की जांच भी की जाएगी। परीक्षा दिवस पर सुबह आठ बजे से केंद्र परिसरों की सघन चेकिंग और सैनिटाइजेशन कराया जाएगा। अभ्यर्थियों के प्रवेश के समय सघन तलाशी (फ्रिस्किंग) की व्यवस्था रहेगी। इसके लिए पुलिस बल के साथ महिला कर्मियों की भी तैनाती की जाएगी। सभी अभ्यर्थियों को केवल मुख्य द्वार से प्रवेश दिया जाएगा तथा किसी भी अनधिकृत व्यक्ति के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।जिलाधिकारी ने परीक्षा के दौरान भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही परीक्षा केंद्रों के आसपास अनावश्यक भीड़ एकत्र नहीं होने दी जाएगी। परिवहन, चिकित्सा और अन्य आपातकालीन सेवाओं को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है। बैठक में जॉइंट मजिस्ट्रेट रुड़की दीपम रामचंद्र सेठ, अपर जिलाधिकारी जितेंद्र कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरके सिंह, एसपी ट्रैफिक निशा यादव, नगर मजिस्ट्रेट हरगिरी, नगर आयुक्त रुड़की गोपाल राम बिनवाल, उप जिलाधिकारी हरिद्वार योगेश मेहरा, मुख्य कोषाधिकारी अजय कुमार, सहायक परियोजना निदेशक नलिनीत घिल्डियाल, जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक शिक्षा) अमित कुमार चंद सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी और परीक्षा केंद्रों के लिए तैनात ऑब्जर्वर उपस्थित रहे।
