
हरिद्वार(आरएनएस)। यूजीसी के नए नियमों को लेकर सवर्ण समाज में असंतोष के बीच शुक्रवार को बहादराबाद में प्रदर्शन किया गया। सम्राट पृथ्वीराज चौहान चौक पर एकत्र लोगों ने यूजीसी के नए नियमों पर फिलहाल रोक लगाए जाने पर सुप्रीम कोर्ट का आभार जताया, वहीं केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए। क्षत्रिय चौहान महासभा के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि यूजीसी के नए नियम सवर्ण समाज के लिए अभिशाप के समान हैं। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को सराहनीय बताते हुए कहा कि इस रोक से शिक्षा जगत को राहत मिली है। चौहान ने कहा कि नए नियमों में भेदभाव की परिभाषा को अत्यधिक व्यापक किया गया है, जिससे शैक्षणिक मूल्यांकन, अनुशासनात्मक कार्रवाई और प्रशासनिक निर्णय भी दायरे में आ सकते हैं। उपाध्यक्ष बसंत सिंह चौहान ने आशंका जताई कि इन नियमों से सवर्ण वर्ग के खिलाफ दुर्भावनापूर्ण शिकायतें बढ़ सकती हैं। प्रमोद शर्मा ने इसे राजनीतिक एजेंडे से प्रेरित बताया। क्षत्रिय समाज भेल के अध्यक्ष भारत भूषण ने कहा कि इस तरह के प्रावधान शैक्षणिक संस्थानों को वैचारिक संघर्ष का केंद्र बना सकते हैं। वरिष्ठ उपप्रमुख उधम सिंह ने यूजीसी के नए नियमों को ‘काला कानून’ बताकर इसे तत्काल वापस लेने की मांग उठाई। बहादराबाद में प्रदर्शन के बाद सवर्ण समाज के लोगों ने पीठ बाजार, चौक बाजार, शिव मंदिर रोड, बस स्टैंड और काली माता तिराहा होकर पैदल मार्च निकाला। इस दौरान केपी सिंह, प्रधान नीरज चौहान, नीरज कुमार, विकास चौहान एवं मोहित चौहान, अमित चौहान, चेयरमैन राजकुमार चौहान, सुरेश सिंह, अनिल चौहान, कमल गोयल, वीर प्रताप सिंह, हिमांशु चौहान, दाताराम चौहान, चरण सिंह चौहान, अभिषेक चौहान, अमित राज, हितेश चौहान, शिवम चौहान, राजीव शर्मा, श्रमिक नेता नरेंद्र सिंह चौहान, देवपाल सिंह, अनिल कुमार, ठाकुर अजय सिंह, चमन चौहान, विपिन चौहान, पुनीत चौहान, विपुल चौहान मौजूद रहे।

