
देहरादून(आरएनएस)। दून मेडिकल कॉलेज की महिला डॉक्टर ने नैनीताल में तैनात सर्जन पति और सास-ससुर के खिलाफ घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, मारपीट और जान से मारने के प्रयास के आरोप में केस दर्ज कराया है। शहर कोतवाली पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शहर कोतवाल हरिओम राज चौहान ने बताया कि रेसकोर्स वैली निवासी डॉ. आशना पंत ने तहरीर महिला शिकायत प्रकोष्ठ में शिकायत दी। बताया कि हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की पढ़ाई के दौरान उनकी मुलाकात डॉ. प्रशांत ओली से हुई थी। दोनों ने 22 फरवरी 2023 को प्रेम विवाह किया था। डॉ. प्रशांत वर्तमान में बीडी पांडेय अस्पताल नैनीताल में सर्जन के पद पर तैनात हैं। आरोप है कि शादी के कुछ दिन बाद ही सास ने दोनों के डॉक्टर होने का हवाला देते हुए दहेज में गाड़ी न लाने पर ताने मारने शुरू कर दिए। विवाद टालने के लिए मायके पक्ष ने 10 लाख रुपये का चेक डॉ. प्रशांत को दिया। जिसे उन्होंने अपने पिता के साथ मिलकर ज्वाइंट एकाउंट में जमा कर लिया। डॉ. आशना का आरोप है कि ससुर ने भी अक्सर ताने मारते हुए असहज स्थिति बनाई। आरोप है कि 19 अगस्त 2025 को देहरादून स्थित मायके में विवाद के दौरान डॉ. प्रशांत ने उन्हें धक्का देकर जमीन पर पटक दिया और गला दबाकर जान से मारने का प्रयास किया। मार्च 2025 में सिजेरियन डिलीवरी के खर्चों को लेकर भी ससुराल वालों ने ताने दिए। फिलहाल डॉ. आशना मातृत्व अवकाश (बिना वेतन) पर हैं और आरोप है कि पति ने भरण-पोषण का खर्च देने व उनके गहने लौटाने से इनकार कर दिया है। इंस्पेक्टर चौहान ने बताया कि तहरीर के आधार पर पति, सास-ससुर के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

