

अल्मोड़ा। सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के अल्मोड़ा परिसर स्थित कम्प्यूटर विज्ञान विभाग में शुक्रवार को सतर्कता जागरूकता एवं सत्यनिष्ठा प्रतिज्ञा कार्यक्रम आयोजित किया गया। केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) की पहल के तहत आयोजित कार्यक्रम का उद्देश्य भ्रष्टाचार उन्मूलन के प्रति जागरूकता बढ़ाने और समाज में ईमानदारी, पारदर्शिता एवं नैतिक मूल्यों को प्रोत्साहित करना रहा। विभागाध्यक्ष डॉ. पारुल सक्सेना के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में शिक्षकों और कर्मचारियों ने व्यक्तिगत एवं व्यावसायिक जीवन में ईमानदारी, निष्पक्षता, पारदर्शिता और कर्तव्यनिष्ठा बनाए रखने तथा भ्रष्टाचार के विरुद्ध सजग रहने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में डॉ. मनोज कुमार बिष्ट ने केंद्रीय सतर्कता आयोग की भूमिका, भ्रष्टाचार के दुष्परिणामों और व्यक्तिगत एवं संस्थागत जीवन में सत्यनिष्ठा के महत्व पर प्रकाश डाला। अन्य वक्ताओं ने कहा कि भ्रष्टाचार राष्ट्र की प्रगति, सामाजिक समानता और संस्थागत विश्वसनीयता में बाधक है। भ्रष्टाचार मुक्त समाज के निर्माण के लिए प्रत्येक नागरिक और कर्मचारी को ईमानदारी, जवाबदेही तथा नैतिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध रहना आवश्यक है। वक्ताओं ने कार्यस्थल पर पारदर्शिता, निष्पक्षता और नियमों के पालन को सुशासन की आधारशिला बताते हुए सभी से अपने दायित्वों का निर्वहन निष्ठापूर्वक करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में डॉ. सुशील चंद्र भट्ट, डॉ. सुमित खुल्बे, डॉ. अनामिका पंत, डॉ. अर्पिता जोशी, डॉ. पारस नेगी, इंजीनियर रवीन्द्र नाथ पाठक और तनुश्री ढौंढियाल ने भी विचार रखे। अंत में विभाग के समस्त शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों ने सत्यनिष्ठा प्रतिज्ञा लेकर भ्रष्टाचार मुक्त कार्यसंस्कृति विकसित करने में योगदान देने का संकल्प लिया।



