

अल्मोड़ा। ऐतिहासिक मल्ला महल परिसर में शुक्रवार को तीन दिवसीय जनपद स्तरीय आजीविका सरस मेले का शुभारंभ कुमाऊँ आयुक्त दीपक रावत ने फीता काटकर किया। जिला प्रशासन एवं ग्राम्य विकास विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस मेले का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं, स्वयं सहायता समूहों और स्वायत्त सहकारिताओं के उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के साथ उनकी आजीविका को सशक्त बनाना है। उत्तराखंड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन एवं ग्रामोत्थान परियोजना के अंतर्गत आयोजित मेले में कुल 25 स्टॉल लगाए गए हैं। इनमें बेकरी उत्पाद, प्रसंस्कृत फल उत्पाद, पहाड़ी मसाले, जैविक दालें, पारंपरिक उत्पाद, ऐपण कला और हथकरघा से निर्मित सामग्री प्रदर्शित की गई है। स्थानीय संसाधनों और पारंपरिक कौशल से तैयार इन उत्पादों को देखने और खरीदने के लिए लोग मेले में पहुंच रहे हैं। उद्घाटन के बाद कुमाऊँ आयुक्त दीपक रावत ने सभी स्टॉलों का निरीक्षण किया। उन्होंने ग्रामीण महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों की गुणवत्ता और उनके परिश्रम की सराहना की। उन्होंने स्थानीय नागरिकों एवं पर्यटकों से स्वदेशी और जैविक उत्पादों की अधिक से अधिक खरीदारी करने की अपील करते हुए कहा कि इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और महिला समूहों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी। इस अवसर पर नगर निगम के महापौर अजय वर्मा, दर्जा राज्यमंत्री गंगा बिष्ट, पूर्व विधायक कैलाश शर्मा, मुख्य विकास अधिकारी रामजीशरण शर्मा, अपर जिलाधिकारी युक्ता मिश्र, उपजिलाधिकारी सदर संजय कुमार, परियोजना निदेशक जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के.एन. तिवारी सहित जनपद एवं विकासखंड स्तरीय अधिकारी-कर्मचारी, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में महिला समूहों की सदस्य मौजूद रहीं।



