Skip to content

RNS INDIA NEWS

आपकी विश्वसनीय समाचार सेवा

Primary Menu
  • मुखपृष्ठ
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • राज्य
    • उत्तराखंड
      • अल्मोड़ा
      • उत्तरकाशी
      • ऊधम सिंह नगर
      • बागेश्वर
      • चम्पावत
      • नैनीताल
      • पिथौरागढ़
      • चमोली
      • देहरादून
      • पौड़ी
      • टिहरी
      • रुद्रप्रयाग
      • हरिद्वार
    • अरुणाचल
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तर प्रदेश
    • गुजरात
    • छत्तीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सोलन
    • दिल्ली
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • मणिपुर
    • राजस्थान
    • त्रिपुरा
  • अर्थ जगत
    • बाजार
  • खेल
  • विविध
    • संस्कृति
    • न्यायालय
    • रहन-सहन
    • मनोरंजन
      • बॉलीवुड
  • Contact Us
  • About Us
  • PRIVACY POLICY
Light/Dark Button
Watch
  • Home
  • राज्य
  • उत्तराखंड
  • सॉफ्टवेयर अपडेट नहीं होने से राशनकार्ड प्रोर्टेबिलिटी योजना का लाभ नहीं ले पा रहे उत्तराखंड के लोग
  • उत्तराखंड
  • देहरादून

सॉफ्टवेयर अपडेट नहीं होने से राशनकार्ड प्रोर्टेबिलिटी योजना का लाभ नहीं ले पा रहे उत्तराखंड के लोग

RNS INDIA NEWS 30/01/2023
default featured image

देहरादून। उत्तराखंड में किसी भी सस्ता गल्ला दुकान से राशन लेने की योजना परवान नहीं चढ़ पा रही। यहां दूसरे राज्यों के कार्डधारकों को तो राशन मिल रहा है, लेकिन सॉफ्टवेयर अपडेट नहीं होने से उत्तराखंडवासी दूसरी सरकारी दुकान से राशन नहीं ले पा रहे हैं। जिससे गरीब और मध्यम वर्गीय उपभोक्ता मायूस हैं।
दरअसल, करीब तीन साल पहले राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एक्ट (एनएफएसए) के तहत राशन कार्ड प्रोर्टेबिलिटी की सुविधा शुरू की गई थी। व्यवस्था के तहत उत्तराखंड के राशनकार्डधारक राज्य के किसी भी सरकारी दुकान से सार्वजनिक वितरण यानी पीडीएस का राशन ले सकते हैं। इसके लिए उपभोक्ता का ब्योरा खाद्य विभाग के ऑनलाइन सॉफ्टवेयर में डाला जाना था। फिर ये सरकारी सस्ता गल्ला वक्रिेता की प्वाइंट ऑफ सेल (पीओएस) मशीन से लिंक किया जाना था। इसके बाद उपभोक्ता बायोमेट्रिक तरीके से कहीं से भी राशन ले सकता था। लेकिन उत्तराखंड में स्थानीय स्तर पर यह व्यवस्था सही से काम नहीं कर रही है।
योजना शुरू होने के तीन साल बाद भी खाद्य विभाग का सॉफ्टवेयर सही से अपडेट नहीं हो पाया है। इसके चलते ऐसे में स्थानीय लोग योजना का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। वहीं, दूसरे राज्यों के लोग जो उत्तराखंड में रह रहे हैं, उन्हें सरकारी दुकानों से राशन मिल रहा है। अपर आयुक्त खाद्य पीएस पांगती का कहना है कि राशनकार्ड प्रोर्टेबिलिटी की सुविधा प्रदेश में कुछ जगहों पर चल रही है। हल्द्वानी और कुमाऊं के कुछ इलाकों में इसका लाभ लोगों मिल रहा है। जिन जगहों पर दक्कित है, वो दिखाई जाएगी। सॉफ्टवेयर को अपडेट किया जाएगा।
प्रदेश के 23 लाख उपभोक्ताओं को होता लाभ: उत्तराखंड में यह व्यवस्था सही से काम करती तो प्रदेश के करीब 23 लाख उपभोक्तओं को इसका लाभ मिलता। दरअसल, कई लोग ऐसे भी हैं जो नौकरी के चलते अपने घर से दूर रहते हैं। ऐसे लोग राशन नहीं ले पाते, लिहाजा, ऐसे लोग लोगों को भी राशन मिल पाता। इसके अलावा उपभोक्ता बढ़ने से सरकार राशन विक्रेताओं को भी इसका लाभ होता।

शेयर करें..

Post navigation

Previous: धारा 370 हटाने से राहुल गांधी की यात्रा का शांतिपूर्ण समापन : सीएम धामी
Next: चमोली: दिव्‍यांगजनों के सशक्तिकरण को सीडीओ अध्यक्षता में हुई जिला प्रबंधन समिति की बैठक

Related Post

rns featured image new
  • देहरादून

ट्रैफिक नियम तोड़ने पर 42 वाहनों के चालान और 10 सीज

RNS INDIA NEWS 30/05/2026 0
rns featured image new
  • देहरादून

रोडवेज कर्मचारी यूनियन के महामंत्री चौधरी और अध्यक्ष पपनै बने

RNS INDIA NEWS 30/05/2026 0
WhatsApp Image 2026-05-30 at 20.43.12_11zon
  • देहरादून

आईओएल की प्रथम खेलकूद प्रतियोगिता का समापन, विजेता खिलाड़ियों को किया सम्मानित

RNS INDIA NEWS 30/05/2026 0

यहाँ खोजें

Quick Links

  • About Us
  • Contact Us
  • PRIVACY POLICY

ताजा खबर

  • तीन दिन से लापता सिडकुल कर्मी का शव पेड़ से लटका मिला
  • मां-बेटे पर हमला, आठ लोगों पर केस दर्ज
  • पानी निकासी के विवाद में पड़ोसियों के बीच मारपीट, सात पर केस
  • ककलासों महोत्सव में डॉ. धाराबल्लभ पाण्डेय की पुस्तक ‘माँ, ममता और माटी’ का विमोचन
  • सड़क सुरक्षा और साइबर जागरूकता पर सल्ट पुलिस का अभियान
  • विधिक जागरूकता शिविर में एसबीआई ने बांटी छड़ियां, श्रवण यंत्र और वाटर प्यूरीफायर
Copyright © rnsindianews.com | MoreNews by AF themes.