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समुद्र किनारे मिली चीज को लाना मां-बेटी को पड़ा महंगा

RNS INDIA NEWS 14/12/2020
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लंदन। ब्रिटेन के केंट में रहने वाली एक मां-बेटी द्वितीय विश्व युद्ध के दौर के ग्रेनेड को घर ले आई, जिसके बाद ग्रेनेड किचन में फट गया। दोनों की किस्मत अच्छी थी कि वे बच गईं। बताया रहा है कि 38 साल की जोडी क्रूज और उनकी 8 साल की बेटी इसाबेला को समुद्र किनारे ये अनोखी चीज मिली थी।
जोडी और इसाबेला को शुरुआत में लगा कि ये कोई प्राचीन जीवाशम है या किसी जानवर की हड्डी है। उन्हें इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि ये एक 80 साल पुराना ग्रेनेड भी हो सकता है। जोडी ने एक निजी चैनल से बातचीत करते हुए कहा कि मैंने इसकी तस्वीरें पुरातत्व विभाग की वेबसाइट और सोशल मीडिया पर भी पोस्ट की थी ताकि ये पता चल सके कि आखिर ये क्या चीज है। कई लोगों की प्रतिक्रियाएं आईं, लेकिन किसी को किसी इस बात का अंदाजा भी नहीं था कि ये एक ग्रेनेड है।
उन्होंने कहा कि दिखने में वो एक हड्डी की तरह लग रहा था। वो ज्यादा भारी भी नहीं था और वो कहीं से भी मेटल जैसा नहीं लग रहा था। मैं इसे घर ले आई और फिर सोशल मीडिया पर कुछ रिसर्च करने के बाद मैंने इसमें पिन लगाया। मैंने जैसे ही ऐसा किया इसका एक हिस्सा पिघलने लगा और फिर ये पूरी चीज एक आग के गोले में तब्दील हो गई और हमारे डाइनिंग रूम में धुआं होने लगा। जिसे देखर मेरी बेटी चिल्लाई और पीछे के दरवाजे से भाग गई। मैंने ग्रेनेड को पकड़ा और उसे बहुत तेजी से भागकर किचन के सिंक में फेंक दिया जहां विस्फोट हो गया। हमारी किस्मत अच्छी थी क्योंकि ये कई गुना ज्यादा शक्तिशाली और खतरनाक हो सकता था। मेरे दिमाग में सबसे पहले ख्याल आया था कि अपनी बेटी, अपने घर, चार कुत्तों और दो बिल्लियों को कैसे बचाऊं। मेरी बेटी गार्डन में भाग चुकी थी तो मैं दौडक़र अपनी बिल्लियों की मदद के लिए पहुंची थी। हमारी किस्मत अच्छी थी कि वे भी सुरक्षित थे। वहीं घटनास्थल पर आग बुझाने पहुंचे फायरमैन का कहना था कि वो एक ग्रेनेड है क्योंकि आमतौर पर इन ग्रेनेड पर प्रोटेक्टिव कोटिंग चढ़ी होती है जो इस पर भी देखी जा सकती थी।

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