Skip to content

RNS INDIA NEWS

आपकी विश्वसनीय समाचार सेवा

Primary Menu
  • मुखपृष्ठ
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • राज्य
    • उत्तराखंड
      • अल्मोड़ा
      • उत्तरकाशी
      • ऊधम सिंह नगर
      • बागेश्वर
      • चम्पावत
      • नैनीताल
      • पिथौरागढ़
      • चमोली
      • देहरादून
      • पौड़ी
      • टिहरी
      • रुद्रप्रयाग
      • हरिद्वार
    • अरुणाचल
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तर प्रदेश
    • गुजरात
    • छत्तीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सोलन
    • दिल्ली
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • मणिपुर
    • राजस्थान
    • त्रिपुरा
  • अर्थ जगत
    • बाजार
  • खेल
  • विविध
    • संस्कृति
    • न्यायालय
    • रहन-सहन
    • मनोरंजन
      • बॉलीवुड
  • Contact Us
  • About Us
  • PRIVACY POLICY
Light/Dark Button
Watch
  • Home
  • राज्य
  • उत्तराखंड
  • देहरादून
  • सहस्रधारा रोड चौड़ीकरण पर फिर खड़ा हुआ संकट
  • देहरादून

सहस्रधारा रोड चौड़ीकरण पर फिर खड़ा हुआ संकट

RNS INDIA NEWS 14/11/2022
rns featured image new

देहरादून। जोगीवाला से कुल्हान तक सहस्रधारा रोड चौड़ीकरण पर फिर से संकट खड़ा हो गया है। पीडब्ल्यूडी ने 328 पेड़ों के ट्रांसप्लांट के लिए एफआरआई से विशेषज्ञ मांगें थे, लेकिन संस्थान के पास विशेषज्ञ नहीं हैं। एफआरआई ने पीडब्ल्यूडी को पत्र भेजकर ट्रांसप्लांट करवाने वाली कुछ कंपनियों के नाम सुझाए हैं। अब पीडब्ल्यूडी को फिर से हाईकोर्ट में प्रत्यावेदन लगाकर अनुमति मांगनी होगी।
जोगीवाला चौक-रिंग रोड-लाडपुर-सहस्रधारा क्रासिंग-आईटी पार्क-कुल्हान तक 14 किमी सड़क चौड़ीकरण की मंजूरी एक साल पहले मिल गई थी। सड़क चौड़ीकरण की जद में 2057 पेड़ आ रहे हैं। पेड़ों के कटान के विरोध में कुछ संस्थाएं हाईकोर्ट पहुंच गई थीं। जिस पर हाईकोर्ट ने यूकेलिप्टिस के पेड़ों को छोड़कर शेष पेड़ों का ट्रांसप्लांट करने के आदेश दिए थे। यह ट्रांसप्लांट एफआरआई के सुपरविजन में करने को कहा गया था। पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड ऋषिकेश ने यूकेलिप्टिस के सभी पेड़ कटवा दिए हैं। बाकी बचे पीपल, आम, पिलखन, सिल्वर ओख समेत विभिन्न प्रजाति के 328 पेड़ों के ट्रांसप्लांट करवाने के लिए एफआरआई से विशेषज्ञों की मांग की गई, लेकिन एफआरआई ने वापस पत्र भेजकर यह कह दिया कि हमारे पास ट्रांसप्लांट वाले विशेषज्ञ नहीं हैं।
एफआरआई ने पत्र में ट्रांसप्लांट करवाने वाली कुछ कंपनियों के नाम भी सुझाए हैं। पीडब्ल्यूडी ऋषिकेश के सहायक अभियंता संदीप सेमवाल का कहना है कि चौड़ीकरण की जद में आए सभी पेड़ों का कटान हो गया है। अब 328 पेड़ बचे हैं, जिनका ट्रांसप्लांट होना है। हाईकोर्ट ने एफआरआई के सुपरविजन में ट्रांसप्लांट करवाने के निर्देश दिए थे, लेकिन एफआरआई के पास विशेषज्ञ नहीं हैं। संस्थान ने कुछ कंपनियों के नाम दिए हैं, उनसे ट्रांसप्लांट करवाने के लिए हमें कोर्ट की अनुमति लेनी होगी। फिलहाल, जहां पेड़ कट गए हैं, वहां चौड़ीकरण का काम शुरू कर दिया जाएगा।

अब हाईकोर्ट से लेनी होगी अनुमति
पीडब्ल्यूडी को अब फिर से हाईकोर्ट में प्रत्यावेदन देना होगा। एफआरआई ने जिन कंपनियों ने नाम सुझाए हैं, उनसे ट्रांसप्लांट करवाने के लिए पहले कोर्ट से अनुमति लेनी होगी। ऐसे में सड़क चौड़ीकरण के काम में देरी होगी। केंद्र सरकार ने इस सड़क के चौड़ीरकरण के लिए 77.53 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया है। सड़क को 22 मीटर तक चौड़ा किया जाना है। हालांकि, कुछ स्थानों पर जगह के अभाव में सड़क की चौड़ाई कम रहेगी।

शेयर करें..

Post navigation

Previous: एमडीडीए कालोनी के पास दीवार तोड़ने पर जताया विरोध
Next: देहरादून में बदला मौसम, मसूरी में बारिश से बढ़ी ठंड

Related Post

rns featured image new
  • देहरादून

जौनसार के कल सिंह बिष्ट बने भारत सरकार में प्रधान महानिदेशक

RNS INDIA NEWS 24/06/2026 0
rns featured image new
  • उत्तराखंड
  • देहरादून

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सीएम पुष्कर सिंह धामी ने स्व. जसपाल राणा को दी श्रद्धांजलि

RNS INDIA NEWS 24/06/2026 0
rns featured image new
  • उत्तराखंड
  • देहरादून

उत्तराखंड के सभी थानों को बम से उड़ाने की धमकी, हरियाणा के युवक पर केस

RNS INDIA NEWS 23/06/2026 0

यहाँ खोजें

Quick Links

  • About Us
  • Contact Us
  • PRIVACY POLICY

ताजा खबर

  • राशिफल 25 जून
  • स्याना चट्टी में निर्माणाधीन बैली ब्रिज की गुणवत्ता पर उठाए सवाल
  • बढ़े बिजली बिलों पर भड़के चौड़ा के ग्रामीण
  • वित्तीय अनुशासन के लिए डीडीओ व वित्त अधिकारियों की कार्यशाला आयोजित
  • समूह ‘ग’ परीक्षाओं की तैयारी के लिए निःशुल्क कोचिंग शुरू
  • अल्मोड़ा में मानसून पूर्व तैयारियों की समीक्षा, प्रभारी सचिव ने रिस्पांस टाइम घटाने पर दिया जोर
Copyright © rnsindianews.com | MoreNews by AF themes.