
अल्मोड़ा। हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद वहां कथित रूप से कराए गए ‘शुद्धीकरण यज्ञ’ को लेकर कांग्रेस ने भाजपा पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह भोज ने इसे दलित समाज के सम्मान पर चोट बताते हुए कहा कि यह घटना भाजपा की कथित जातिवादी और संकीर्ण सोच को उजागर करती है। भोज ने कहा कि यदि किसी सार्वजनिक स्थल पर किसी नेता के कार्यक्रम के बाद ‘शुद्धीकरण’ कराया जाता है तो यह केवल उस व्यक्ति का नहीं, बल्कि उस सामाजिक वर्ग का भी अपमान है जिसका वह प्रतिनिधित्व करता है। उन्होंने कहा कि जब देश के प्रमुख राजनीतिक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष और दलित समाज से आने वाले नेता मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद ऐसा किया जाता है, तो यह गंभीर प्रश्न खड़े करता है। उन्होंने भाजपा और उससे जुड़े संगठनों से पूछा कि आखिर रामलीला मैदान किस कारण ‘अशुद्ध’ माना गया। भोज ने सवाल उठाया कि भाजपा भले ही इस आयोजन से अपना संबंध न होने की बात कह रही हो, लेकिन जनता के मन में उठ रहे सवालों का जवाब देना उसकी जिम्मेदारी है। उन्होंने मांग की कि यदि यह किसी अन्य संगठन द्वारा आयोजित कार्यक्रम था, तो भाजपा नेताओं को इसकी खुलकर निंदा करनी चाहिए। भोज ने कहा कि किसी दलित नेता के कार्यक्रम के बाद ‘शुद्धीकरण’ जैसी घटना संविधान की भावना और सामाजिक समरसता के विपरीत है। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म किसी भी व्यक्ति को उसकी जाति के आधार पर अपमानित करने की शिक्षा नहीं देता और धर्म की आड़ में सामाजिक भेदभाव को उचित नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस पूरे प्रकरण को केवल मल्लिकार्जुन खड़गे के सम्मान का विषय नहीं, बल्कि देश के करोड़ों दलितों, पिछड़ों और वंचित वर्गों के सम्मान तथा संविधान की मूल भावना से जुड़ा मुद्दा मानती है। उन्होंने इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने और यदि किसी व्यक्ति या संगठन द्वारा जातिगत भेदभाव या सामाजिक वैमनस्य फैलाने का प्रयास किया गया हो तो उसके विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की मांग की।

