
अल्मोड़ा। चेक बाउंस के एक मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट अल्मोड़ा नवल सिंह बिष्ट की अदालत ने अभियुक्त विनोद सिंह बिष्ट पुत्र हुकुम सिंह बिष्ट, निवासी खोल्टा को दोषी ठहराते हुए छह माह के साधारण कारावास और तीन लाख 83 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। मामले के अनुसार परिवादी रोहित मेर और अभियुक्त विनोद बिष्ट के बीच शराब व्यवसाय की दुकानों में सेल्समैन होने के कारण आपसी परिचय था। इसी संबंध के चलते अभियुक्त ने दिसंबर 2024 में भवन निर्माण के लिए पांच लाख रुपये की आर्थिक मदद मांगी। परिवादी द्वारा इतनी बड़ी रकम देने में असमर्थता जताने के बाद भी अभियुक्त ने पुरानी पहचान का हवाला देते हुए आर्थिक मदद की मांग जारी रखी और बैंक से लोन स्वीकृत होते ही रकम लौटाने का आश्वासन दिया। इसके बाद परिवादी ने 17 दिसंबर 2024 को आईडीबीआई बैंक दुगालखोला, अल्मोड़ा से तीन लाख 19 हजार रुपये का गोल्ड लोन लिया और 31 हजार रुपये नकद देकर अभियुक्त को आर्थिक मदद दी। इसके एवज में अभियुक्त ने केनरा बैंक मासी का चेक दिया। बैंक में जमा करने पर चेक बाउंस हो गया। इसकी जानकारी देने और कानूनी नोटिस भेजने के बावजूद अभियुक्त ने रकम का भुगतान नहीं किया, जिसके बाद परिवादी ने न्यायालय की शरण ली। मामले की सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों को सुनने और बचाव पक्ष की दलीलों पर विचार करने के बाद अदालत ने अभियुक्त को दोषी पाया। अदालत ने छह माह के साधारण कारावास और तीन लाख 83 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड में से तीन लाख 80 हजार रुपये प्रतिकर के रूप में परिवादी को दिए जाएंगे। मुकदमे के दौरान दिए गए 25 हजार रुपये प्रतिकर की धनराशि में समायोजित किए जाएंगे, जिसके बाद परिवादी को तीन लाख 55 हजार रुपये देय होंगे। अर्थदंड में से तीन हजार रुपये राज्य के पक्ष में जमा होंगे। अर्थदंड जमा न करने पर एक माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। परिवादी की ओर से अधिवक्ता रोहित कार्की ने पैरवी की।
