
हरिद्वार(आरएनएस)। प्रदेश कांग्रेस चुनाव संचालन समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने किसान की आत्महत्या को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा है कि यूएसनगर का घटनाक्रम सरकार की विफलता का प्रमाण है। यह घटना कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। मंगलवार को प्रीतम कनखल के कृष्णानगर स्थित पूर्व मेयर अनिता शर्मा के दफ्तर पहुंचे, जहां उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। प्रीतम ने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि यूएसनगर में किसान को पुलिस प्रताड़ना के चलते आत्महत्या जैसा कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा। देवभूमि उत्तराखंड में पहले कभी किसानों की आत्महत्या के मामले सामने नहीं आए, लेकिन वर्तमान सरकार में पुलिस की प्रताड़ना से किसान जान देने को मजबूर हो रहे हैं। पूर्व मेयर अनिता शर्मा ने कहा कि भाजपा शासन में कोई भी वर्ग संतुष्ट नहीं है। इस अवसर पर पूर्व सांसद ईसम सिंह, पूर्व विधायक रामयश सिंह, डॉ. संजय पालीवाल, अशोक शर्मा, महेश प्रताप राणा, गुरजीत लहरी, ओपी चौहान, अरविंद शर्मा, राजबीर सिंह चौहान, राजीव चौधरी, अनुसूचित विभाग जिलाध्यक्ष तीर्थपाल रवि, राव आफाक, मकबूल कुरैशी, प्रदीप चौधरी, विकास चौधरी, पार्षद सुनील कुमार, विवेक भूषण विक्की, अरशद ख्वाजा, अकरम अंसारी, पूर्व पार्षद कैलाश भट्ट मौजूद रहे। अंकिता प्रकरण को लेकर भी सरकार को घेरा प्रीतम ने अंकिता भंडारी प्रकरण को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार, जनता और कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जज की निगरानी में सीबीआई से जांच कराने की मांग की थी, लेकिन सरकार ने केवल सीबीआई जांच की संस्तुति करके औपचारिकताभर निभाई। मनरेगा का नाम बदलने पर भी जताई आपत्ति प्रीतम ने कहा कि भाजपा सरकार की ओर से मनरेगा योजना का नाम बदला जाना उचित नहीं है। कांग्रेस ने अपने कार्यकाल में इस योजना को गरीबों को उनके घर के पास रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लागू किया था, जबकि वर्तमान सरकार इस योजना को कमजोर या बंद करने की दिशा में बढ़ रही है।
