
उत्तरकाशी(आरएनएस)। नई दिल्ली में आयोजित स्कॉच अवार्ड के 106वें संस्करण में जनपद उत्तरकाशी को वेस्ट टू रिसोर्स प्रोजेक्ट के लिए सम्मानित किया गया। इस प्रोजेक्ट के तहत कचरे को उपयोगी चीजों में बदला जा रहा है जिसमें गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में श्रद्धालुओं की ओर से बहाए गए कपड़ों को एकत्र किया गया। उत्तरकाशी की इस पहल ने उत्तराखंड को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई है। पिछले साल भागीरथी नदी से 15 टन से ज्यादा कपड़े जमा हुए। इन कपड़ों से महिलाओं ने फाइल फोल्डर, दरी और मैट जैसे सामान तैयार किए। यह काम स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने किया जिससे उन्हें रोजगार मिला और उनकी आय भी बढ़ी। जिला प्रशासन ने रीप प्रोजेक्ट के तहत इन उत्पादों को खरीदने के लिए स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को बाजार भी उपलब्ध कराया। महिलाओं को तैयार उत्पादों के लिए बाजार उपलब्ध कराने के लिए डीएम ने सभी विभागों को सहयोग के लिए कहा था जिसके बाद विभागों ने भी स्थानीय स्तर पर बने फाइल फोल्डर्स का उपयोग किया। त्रिस्तरीय चुनावों में उत्पादों के उपयोग की पहल से शुरुआती चरण में ही महिलाओं को तीन लाख रुपये से अधिक के ऑर्डर प्राप्त हुए जिससे उनका मनोबल बढ़ा और आय के नए अवसर बने।
डीएम प्रशांत आर्य ने बताया कि यह पहल न केवल महिलाओं को रोजगार देने में सफल रही बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण साबित हुई। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं को दिया। यह सम्मान इंडिया हैबिटेट सेंटर में आयोजित समारोह में प्रदान किया गया जहां देशभर से विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। गौरतलब है कि स्कॉच अवार्ड वर्ष 2003 से विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली संस्थाओं को दिया जाता है।

