Skip to content

RNS INDIA NEWS

आपकी विश्वसनीय समाचार सेवा

Primary Menu
  • मुखपृष्ठ
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • राज्य
    • उत्तराखंड
      • अल्मोड़ा
      • उत्तरकाशी
      • ऊधम सिंह नगर
      • बागेश्वर
      • चम्पावत
      • नैनीताल
      • पिथौरागढ़
      • चमोली
      • देहरादून
      • पौड़ी
      • टिहरी
      • रुद्रप्रयाग
      • हरिद्वार
    • अरुणाचल
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तर प्रदेश
    • गुजरात
    • छत्तीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सोलन
    • दिल्ली
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • मणिपुर
    • राजस्थान
    • त्रिपुरा
  • अर्थ जगत
    • बाजार
  • खेल
  • विविध
    • संस्कृति
    • न्यायालय
    • रहन-सहन
    • मनोरंजन
      • बॉलीवुड
  • Contact Us
  • About Us
  • PRIVACY POLICY
Light/Dark Button
Watch
  • Home
  • राज्य
  • उत्तराखंड
  • पर्वतीय जिलों में नए थाने खोलने की कवायद शुरू, पढ़िए इस व्यवस्था की योजना
  • उत्तराखंड

पर्वतीय जिलों में नए थाने खोलने की कवायद शुरू, पढ़िए इस व्यवस्था की योजना

RNS
RNS INDIA NEWS 24/11/2020
rns featured image new

देहरादून। प्रदेश के पर्वतीय जिलों में नए थाने खोलने की कवायद शुरू हो गई है। हालांकि, पूरे राजस्व क्षेत्र को सिविल पुलिस को सौंपने के मसले पर अभी अंतिम निर्णय सुप्रीम कोर्ट में इस मामले में चल रही सुनवाई के अधीन रहेगा। उत्तराखंड में कुल 13 जिलों में से नौ जिले पर्वतीय व चार जिले मैदानी है। ब्रिटिश काल में यहां पटवारी पुलिस यानी राजस्व पुलिस की व्यवस्था लागू की गई थी। इस व्यवस्था के अनुसार यहां पटवारियों को पुलिस के समान पूरे अधिकार हैं। राजस्व क्षेत्रों में होने वाले अपराध की जांच भी राजस्व पुलिस ही करती है। अंग्रेजों के जमाने की यह व्यवस्था अभी तक बदस्तूर जारी है। प्रदेश के तकरीबन 60 फीसद हिस्से में राजस्व पुलिस और शेष 40 प्रतिशत में सिविल पुलिस तैनात है। प्रदेश में बीते कुछ वर्षों में पर्वतीय क्षेत्रों में अपराध का ग्राफ बढ़ा है। इसके कई कारण हैं। दरअसल, प्रदेश में एक हजार से अधिक पटवारी सर्किल हैं, लेकिन इनमें 30 प्रतिशत खाली चल रहे हैं। 70 फीसद में ही पटवारी तैनात हैं। नतीजतन ऐसे अपराधों की जांच सही तरीके से नहीं हो पाती। गंभीर अपराधों के मामले सिविल पुलिस को ही सौंपे जाते हैं। इसे देखते हुए राजस्व क्षेत्रों को सिविल पुलिस को देने की मांग उठती रहती है। इस संबंध में एक याचिका की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने राजस्व कर्मियों से पुलिस का काम न लेते हुए यहां सिविल पुलिस तैनात करने के निर्देश दिए थे। इस पर प्रदेश सरकार ने संसाधनों की कमी का हवाला देते हुए सुप्रीम कोर्ट की शरण ली, जहां अब इस पर सुनवाई चल रही है। वहीं, पर्वतीय क्षेत्रों में गंभीर अपराधों की संख्या और सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए जरूर समय-समय पर कुछ थाने व चौकी खोले जाते रहे हैं। कुछ समय पहले मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने प्रदेश के सीमावर्ती पर्वतीय क्षेत्रों में 11 थाने खोलने की घोषणा की। इस घोषणा के क्रियान्वयन के लिए शासन स्तर पर काम शुरू हो चुका है, जिनका शासनादेश जल्द होने की संभावना है। सूत्रों की मानें तो जरूरत के हिसाब से अन्य राजस्व क्षेत्रों में थाने खोले जा सकते हैं। हालांकि, पूरे राजस्व क्षेत्र को सिविल पुलिस के अधीन लाने का फैसला सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के अनुसार किया जाएगा।

शेयर करें..

Post navigation

Previous: कैसा रहेगा आपका दिन का राशिफल 24-Nov-20
Next: 20 करोड़ रुपये के बैंक लोन धोखाधड़ी के मामले में सीबीआई ने की दस्तावेजी जांच शुरू, जानिए क्या है मामला

Related Post

weather image
  • उत्तराखंड
  • देहरादून

गर्मी से राहत के आसार, 28 मई से कई जिलों में बारिश और ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट

RNS INDIA NEWS 27/05/2026 0
WhatsApp Image 2026-05-27 at 14.39.43_11zon
  • अल्मोड़ा
  • उत्तराखंड

उत्तराखंड की विकास यात्रा सही दिशा में आगे बढ़ रही : मुख्यमंत्री धामी

RNS INDIA NEWS 27/05/2026 0
WhatsApp Image 2026-05-27 at 17.08.45_11zon
  • अल्मोड़ा
  • उत्तराखंड

अल्मोड़ा को 138 करोड़ की योजनाओं की सौगात, मुख्यमंत्री धामी ने किया लोकार्पण और शिलान्यास

RNS INDIA NEWS 27/05/2026 0

यहाँ खोजें

Quick Links

  • About Us
  • Contact Us
  • PRIVACY POLICY

ताजा खबर

  • न्यायालय के वारंटी अभियुक्त को द्वाराहाट पुलिस ने किया गिरफ्तार
  • काली फिल्म लगे चार वाहनों पर कार्रवाई, मौके पर हटवाई गई फिल्म
  • स्कूली बच्चों को साइबर सुरक्षा, महिला सुरक्षा और सड़क सुरक्षा के प्रति किया जागरूक
  • रमेश चंद्र गैरोला को राष्ट्रपति उत्कृष्ट सेवा पदक, प्रधानमंत्री ने किया सम्मानित
  • वनाग्नि नियंत्रण को लेकर वन पंचायत संगठन ने जताई चिंता, संसाधन बढ़ाने की मांग
  • सोमनाथ मैदान में 1170 अग्निवीरों ने ली शपथ, भारतीय सेना का बने हिस्सा
Copyright © rnsindianews.com | MoreNews by AF themes.