
रुद्रपुर(आरएनएस)। गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में एक मई 2003 से पूर्व दैनिक और नियत वेतन पर कार्यरत कर्मियों के नियमितीकरण की मांग को लेकर विधायक तिलक राज बेहड़ ने संघर्ष जारी रखने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में 60 कर्मियों की पात्रता सूची तैयार कर शासन को भेजी जा चुकी है।शेष पात्र कर्मियों को भी नियमितीकरण का लाभ दिलाने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन और शासन स्तर पर पैरवी की जा रही है। बुधवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में बेहड़ ने कहा कि वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान कर्मियों ने उनके समक्ष नियमितीकरण की मांग रखी थी। चुनाव के बाद उन्होंने मामले को विधानसभा में उठाने के साथ ही कुलपति और शासन के उच्च अधिकारियों से लगातार पत्राचार और वार्ता की। गठित समिति की बैठकों में भी प्रगति की जानकारी ली जाती रही।उन्होंने 60 कर्मियों की सूची शासन को भेजे जाने पर विश्वविद्यालय के कुलपति का आभार जताया। बेहड़ ने कहा कि 90 दिन से अधिक समय तक कार्य से बाहर रखे गए कर्मियों को भी पात्रता के आधार पर नियमितीकरण का लाभ मिलना चाहिए। वर्ष 2025 में विनियमितीकरण नियमावली से निरंतर सेवा शब्द हटाए जाने के बाद पात्र कर्मियों के लिए रास्ता और स्पष्ट हुआ है। जिन कर्मियों के प्रपत्र विभागों से अग्रसारित नहीं हो पाए हैं, उनके मामलों को भी पात्रता के आधार पर सूची में शामिल कराने का प्रयास किया जाएगा।उन्होंने कहा कि कुछ लोग इस मामले का श्रेय लेने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन उनका उद्देश्य कर्मियों को उनका अधिकार दिलाना है। बेहड़ ने कर्मियों को आश्वस्त किया कि वह जल्द देहरादून जाकर संबंधित विभागीय अधिकारियों से मुलाकात करेंगे और लंबित मामलों में स्वीकृति दिलाने के लिए प्रभावी पैरवी करेंगे। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर कर्मियों के हक में संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।

