
अल्मोड़ा। मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना के तहत शनिवार को कलेक्ट्रेट में आयोजित समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने विभिन्न विभागों की कार्य योजनाओं की समीक्षा करते हुए प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए। बैठक में विभागों द्वारा प्रस्तुत योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। समीक्षा के दौरान बताया गया कि उत्तराखंड पलायन निवारण आयोग ने जनपद के आठ विकासखंडों के 78 गांवों को पलायन प्रभावित के रूप में चिन्हित किया है। इन क्षेत्रों में पलायन की समस्या के समाधान के लिए रोजगार सृजन, आजीविका संवर्धन, आधारभूत सुविधाओं के विकास और स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग से संबंधित योजनाएं तैयार की गई हैं। जिलाधिकारी ने विभागवार योजनाओं की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सभी प्रस्तावित कार्यों को धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू किया जाए, ताकि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ें और पलायन पर नियंत्रण पाया जा सके। उन्होंने योजनाओं के क्रियान्वयन में समन्वय और समयबद्धता सुनिश्चित करने तथा परिणामपरक कार्यों पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि संबंधित विभाग नियमित रूप से प्रगति की समीक्षा कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें और ग्रामीणों की आवश्यकताओं के अनुरूप योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जाए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी रामजी शरण शर्मा, पीडी डीआरडीए एन तिवारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

