
कोटद्वार। वीबीजीआरएएमजी योजना में ऑनलाइन उपस्थिति और फेस कैप्चर की अनिवार्यता के विरोध में रिखणीखाल क्षेत्र के ग्राम प्रधानों ने रविवार को क्षेत्र पंचायत समिति (बीडीसी) की बैठक का बहिष्कार कर ब्लॉक कार्यालय के बाहर धरना दिया। प्रधानों ने व्यवस्था में बदलाव की मांग करते हुए सरकार को मांगपत्र भेजा।
ब्लॉक प्रमुख रेनू रावत की अध्यक्षता में आयोजित क्षेत्र पंचायत समिति की बैठक से पहले प्रधानों ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में नेटवर्क की समस्या के कारण ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने में लगातार दिक्कतें आ रही हैं। इससे विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं और मजदूरों की उपस्थिति दर्ज कराने में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
प्रधान संघ ने बीडीओ के माध्यम से सरकार को भेजे मांगपत्र में योजना के कार्यों को पूरी तरह ऑफलाइन संचालित करने, फेस कैप्चर की अनिवार्यता समाप्त करने तथा तकनीकी कारणों से उपस्थिति दर्ज नहीं कर पाने वाले मजदूरों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था लागू करने की मांग की। उनका कहना था कि कई मजदूरों की केवाईसी पूरी होने के बावजूद फेस कैप्चर नहीं हो पा रहा है।
बैठक के दौरान श्रम, संचार और वन विभाग के अधिकारियों की अनुपस्थिति पर जनप्रतिनिधियों ने नाराजगी जताई। सदन ने तीनों विभागों के खिलाफ निंदा प्रस्ताव भी पारित किया। बैठक में जिले से नोडल अधिकारी के रूप में परियोजना निदेशक पौड़ी और सहायक जिला पंचायतराज अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में क्षेत्र पंचायत सदस्य झर्त ने आवासीय भवन क्षतिग्रस्त होने का मामला भी उठाया। इस पर लोक निर्माण विभाग दुगड्डा के अधिशासी अभियंता निर्भय सिंह ने संयुक्त निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। बैठक में क्षेत्र पंचायत सदस्य सुनीता देवी, यशपाल चौहान, पिंकी नेगी और विधायक प्रतिनिधि शालिनी बलोधी सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

