
रानीखेत। राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली आंदोलन (एनएमओपीएस) के बैनर तले रविवार को मज़खाली पंचायत भवन में आयोजित बैठक में पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर कर्मचारियों और शिक्षकों ने एकजुटता दिखाई। बैठक में 13 सितंबर को देहरादून में प्रस्तावित प्रांतीय महारैली को सफल बनाने के लिए रणनीति तैयार करते हुए द्वाराहाट, चौखुटिया और सोमेश्वर क्षेत्र से बड़ी संख्या में प्रतिभाग करने का संकल्प लिया गया। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि पुरानी पेंशन केवल कर्मचारियों का आर्थिक मुद्दा नहीं, बल्कि उनके सुरक्षित भविष्य और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि वर्षों तक सरकारी सेवा देने वाले कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के बाद सम्मानजनक और सुरक्षित जीवन मिलना चाहिए। इस दौरान कर्मचारियों ने पोस्टर और बैनर के माध्यम से पुरानी पेंशन बहाली की मांग को बुलंद किया। “मेरा वोट, मेरा हक” जैसे नारों के साथ कर्मचारियों ने सरकार से पुरानी पेंशन व्यवस्था को बहाल करने की मांग की। वक्ताओं ने कहा कि अब इस मुद्दे को केवल कर्मचारी संगठनों तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि आम जनता के बीच भी व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा। बैठक में सभी विभागों के शिक्षकों और कर्मचारियों से 13 सितंबर को देहरादून में आयोजित महारैली में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर आंदोलन को मजबूत बनाने की अपील की गई। बैठक की अध्यक्षता प्राथमिक शिक्षक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष ललित पालीवाल ने की, जबकि संचालन देवेंद्र भट्ट ने किया। इस अवसर पर संगठन की कार्यकारिणी का विस्तार करते हुए ललित मोहन आर्य, रमेश चंद्र पुजारी, देवेंद्र भट्ट, ललित मोहन जोशी, सुमित सहित आठ सदस्यों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गईं। कार्यक्रम में ब्लॉक अध्यक्ष मोहन जोशी, महामंत्री नंदा बल्लभ मैनाली, कोषाध्यक्ष तारा सिंह रौतेला, वरिष्ठ उपाध्यक्ष गोपाल कृष्ण, उपाध्यक्ष मनीष पांडे, जिला आईटी सेल प्रभारी दीपक पांडे, रमेश पुजारी, प्रताप जलाल, सुरेश कुमार, राजेंद्र कुमार, बबिता पुजारी, ऋतु लोहनी, रेनू दरमोली, खुशबू वर्मा सहित बड़ी संख्या में शिक्षक और कर्मचारी मौजूद रहे।

