
अल्मोड़ा। ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों और किशोर-किशोरियों को जीवन की चुनौतियों के लिए तैयार करने के उद्देश्य से आरोही संस्था अल्मोड़ा जिले के भैसियाछाना और धौलादेवी विकासखंड के 18 सरकारी एवं गैर-सरकारी विद्यालयों में जीवन कौशल शिक्षा कार्यक्रम संचालित कर रही है। कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों में आत्मविश्वास, निर्णय क्षमता और व्यवहारिक कौशल विकसित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। संस्था के अनुसार कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को स्वास्थ्य, शिक्षा, व्यक्तिगत स्वच्छता, संवाद कौशल, सकारात्मक व्यवहार और सही निर्णय लेने जैसे महत्वपूर्ण विषयों के प्रति जागरूक बनाना है। इसके साथ ही उन्हें सही और गलत के बीच अंतर समझने तथा जीवन की विभिन्न परिस्थितियों का आत्मविश्वास के साथ सामना करने के लिए तैयार किया जा रहा है। कार्यक्रम के तहत गतिविधि आधारित और सहभागी शिक्षण पद्धति अपनाई जा रही है। खेल, समूह चर्चा, प्रश्नोत्तर, रचनात्मक गतिविधियों और व्यवहारिक अभ्यासों के माध्यम से बच्चों को विषयों की जानकारी दी जा रही है। इससे बच्चे केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित नहीं रहते, बल्कि स्वयं गतिविधियों में भाग लेकर सीखने और उसे दैनिक जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित होते हैं। आरोही संस्था बच्चों को अपनी भावनाओं को समझने, समस्याओं का समाधान खोजने, सही निर्णय लेने और दूसरों के साथ सकारात्मक व्यवहार विकसित करने के लिए भी प्रोत्साहित कर रही है। संस्था का प्रयास है कि किशोर-किशोरियों को ऐसा सुरक्षित और सहयोगी वातावरण मिले, जहां वे खुलकर अपनी बात रख सकें और जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर सही मार्गदर्शन प्राप्त कर सकें। कार्यक्रम के सफल संचालन में विद्यालयों के शिक्षकों की भी अहम भूमिका है। शिक्षक बच्चों को गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करने के साथ संस्था की टीम के साथ समन्वय बनाकर कार्यक्रम को प्रभावी बना रहे हैं। संस्था का मानना है कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए विद्यालय, शिक्षक, अभिभावक और सामाजिक संस्थाओं के बीच समन्वित प्रयास आवश्यक हैं।


