Skip to content

RNS INDIA NEWS

आपकी विश्वसनीय समाचार सेवा

Primary Menu
  • मुखपृष्ठ
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • राज्य
    • उत्तराखंड
      • अल्मोड़ा
      • उत्तरकाशी
      • ऊधम सिंह नगर
      • बागेश्वर
      • चम्पावत
      • नैनीताल
      • पिथौरागढ़
      • चमोली
      • देहरादून
      • पौड़ी
      • टिहरी
      • रुद्रप्रयाग
      • हरिद्वार
    • अरुणाचल
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तर प्रदेश
    • गुजरात
    • छत्तीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सोलन
    • दिल्ली
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • मणिपुर
    • राजस्थान
    • त्रिपुरा
  • अर्थ जगत
    • बाजार
  • खेल
  • विविध
    • संस्कृति
    • न्यायालय
    • रहन-सहन
    • मनोरंजन
      • बॉलीवुड
  • Contact Us
  • About Us
  • PRIVACY POLICY
Light/Dark Button
Watch
  • Home
  • राज्य
  • उत्तराखंड
  • नैनीताल
  • प्लास्टिक कचरे के निस्तारण की कार्रवाई केवल कागजों तक सीमित: हाईकोर्ट
  • उत्तराखंड
  • नैनीताल
  • न्यायालय

प्लास्टिक कचरे के निस्तारण की कार्रवाई केवल कागजों तक सीमित: हाईकोर्ट

RNS INDIA NEWS 12/09/2022
Nainital High Court

नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने राज्य में प्लास्टिक से निर्मित कचरे पर पूर्ण रूप प्रतिबंध लगाने को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की। मामले को सुनने के बाद मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी एवं न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की खण्डपीठ ने जिलाधिकारियों द्वारा कोर्ट में दिए गए शपथ पत्रों से नाराजगी व्यक्त की। साथ ही हाईकोर्ट ने कहा सरकार द्वारा इसके निस्तारण के लिए कोई कानूनी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं, सभी काम कागजी तौर कार्य किये जा रहे हैं। हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए सरकार को कई दिशा-निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने राज्य सरकार द्वारा 2019 में बनाई प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट कमेटी को पक्षकार बनाते हुए कहा है कि आज के बाद जो भी कम्पालयन्स होंगे उसके लिए कमेटी जिम्मेदार होगी। कमेटी सभी जिला अधिकारियों के साथ एक मीटिंग करें। साथ में कचरे के निस्तारण का हल निकाले। कोर्ट ने सभी डीएफओ को निर्देश जारी किए हैं कि वे अपनी क्षेत्रों में आने वाली वन पंचायतों का मैप बनाकर डिजिटल प्लेटफार्म पर अपलोड करें। साथ ही एक शिकायत एप बनाएंगे। शिकायत एप में दर्ज शिकायतों का निस्तारण भी किया जाए। वन क्षेत्रों में फैले कचरे पर वन विभाग कार्यवाही करें। कोर्ट ने क्षेत्र का दौरा करते समय जो कमियां पाई उस पर अमल करने के आदेश भी दिए हैं। कोर्ट ने सरकार को निर्देश दिए हैं कि प्लास्टिक वेस्ट के लिए मॉडल एसओपी बनाएं। सभी जिला अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि भारत सरकार द्वारा जारी प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स का अनुपालन करवाएं।

सुनवाई के दौरान पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड की तरफ से कहा गया कि बोर्ड ने कोर्ट के आदेश पर कई निकायों का दौरा किया। इन निकायों के द्वारा पीसीबी के नियमों का पालन नहीं किया गया। पीसीबी द्वारा कोर्ट को अवगत कराया गया कि अगर नियमों का पालन नहीं किया जाता है तो पीसीबी पर्यावरणीय क्षति के लिए इन पर एक लाख रुपया प्रति माह के हिसाब से जुर्माना लगा सकता है। मामले की अगली सुनवाई 19 अक्टूबर को होगी।

शेयर करें..

Post navigation

Previous: जेसीबी से दीवार तोड़ी और अंदर सामान चोरी का आरोप
Next: राशिफल 13 सितम्बर

Related Post

rns featured image new
  • उत्तराखंड
  • देहरादून

एसआईआर में 92% से अधिक डिजिटाईजेशन का कार्य पूर्ण

RNS INDIA NEWS 29/06/2026 0
rns featured image new
  • उत्तराखंड
  • देहरादून

धामी सरकार की सौगात: मात्र 3 लाख में मिलेगा आधुनिक फ्लैट

RNS INDIA NEWS 25/06/2026 0
rns featured image new
  • उत्तराखंड
  • देहरादून

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सीएम पुष्कर सिंह धामी ने स्व. जसपाल राणा को दी श्रद्धांजलि

RNS INDIA NEWS 24/06/2026 0

यहाँ खोजें

Quick Links

  • About Us
  • Contact Us
  • PRIVACY POLICY

ताजा खबर

  • राशिफल 30 जून
  • एसआईआर में 92% से अधिक डिजिटाईजेशन का कार्य पूर्ण
  • कांगड़ी फ्लाईओवर पर भीषण हादसा, मां-बेटे समेत तीन की मौत
  • कसार देवी व चितई पंत में महिला कोतवाली का जागरूकता अभियान
  • भूमि बेचने के नाम पर एक करोड़ रुपये हड़पने का आरोप
  • ग्राम प्रहरियों को दिए नशा तस्करी व साइबर अपराधों पर सतर्क रहने के निर्देश
Copyright © rnsindianews.com | MoreNews by AF themes.