
देहरादून(आरएनएस)। विशेष एनडीपीएस जज मोनिका मित्तल की अदालत ने प्रतिबंधित नशीली गोलियों व स्मैक की तस्करी के दोषी को चार साल कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही कोर्ट ने दोषी पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना न चुकाने पर उसे दो महीने की अतिरिक्त साधारण जेल भुगतनी होगी। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता मनोज कुमार शर्मा ने बताया कि 16 दिसंबर 2014 को शहर कोतवाली पुलिस ने सिंघल मंडी तिराहे के पास से संगम विहार निवासी दीपक ठाकुर को गिरफ्तार किया था। उसकी पैंट की जेब से 1.74 ग्राम स्मैक और अल्प्राजोलम की 230 प्रतिबंधित नशीली गोलियां बरामद हुई थीं। पूछताछ में उसने कुबूला था कि वह स्कूल-कॉलेज के छात्रों को ये नशीले पदार्थ बेचता था। सुनवाई के दौरान अदालत ने मामले की गंभीरता और बरामद मादक पदार्थ की मात्रा को सजा का मुख्य आधार माना। सरकारी वकील ने तर्क दिया कि दोषी से बरामद प्रतिबंधित गोलियों की मात्रा काफी थी, जो व्यावसायिक श्रेणी से कुछ ही कम है। अदालत ने बचाव पक्ष की कम से कम सजा की दलील बीमार पिता और परिवार की जिम्मेदारी को खारिज करते हुए कहा कि नशीली दवाओं की बरामदगी समाज और युवा पीढ़ी के लिए एक गंभीर अपराध है। इसके बाद सजा सुनाई और वारंट बनाकर जेल भेज दिया गया।
