

अल्मोड़ा। अल्मोड़ा पुलिस, जिला प्रशासन तथा नारकोटिक्स एनोनिमस एवं अल्कोहल एनोनिमस सोसाइटी के संयुक्त तत्वावधान में चलाए गए तीन दिवसीय जनजागरूकता एवं पुनर्वास अभियान का गुरुवार को पुलिस लाइन सभागार में समापन हो गया। कार्यक्रम के दौरान नशे के दुष्प्रभावों और पुनर्वास की आवश्यकता को लेकर पुलिस कर्मियों एवं आमजन को जागरूक किया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चन्द्रशेखर घोडके के निर्देशन में चलाए जा रहे “नशा मुक्त भारत अभियान” के तहत आयोजित कार्यक्रम में एएनटीएफ और समाज कल्याण विभाग की ओर से पुलिस कर्मियों तथा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े कुमाऊं रेंज के पुलिस जवानों को जनजागरूकता और पुनर्वास से संबंधित प्रशिक्षण दिया गया।
कार्यक्रम में अधिकारियों और जवानों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करते हुए समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए स्वयं और अपने परिवार से शुरुआत करने का आह्वान किया गया। इस दौरान पुलिस कर्मियों ने समाज को नशामुक्त बनाने का संकल्प भी लिया।
नारकोटिक्स एनोनिमस एवं अल्कोहल एनोनिमस सोसाइटी के सदस्यों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि नशे की लत व्यक्ति को मानसिक, शारीरिक और आर्थिक रूप से कमजोर बना देती है। उन्होंने कहा कि दृढ़ इच्छाशक्ति और परिवार के सहयोग से नशे से बाहर निकलना संभव है तथा वर्तमान में वे समाज में लोगों को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान अल्मोड़ा पुलिस की ओर से सोसाइटी के सदस्यों को जनजागरूकता अभियान में सहयोग के लिए मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। वहीं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की पहल से जनपद के पांच व्यक्तियों ने नारकोटिक्स एनोनिमस एवं अल्कोहल एनोनिमस सोसाइटी से जुड़कर पुनर्वास प्रक्रिया शुरू की और नशामुक्त अभियान का हिस्सा बनने का संकल्प लिया। रेड क्रॉस सोसाइटी अल्मोड़ा ने भी जनपद को नशामुक्त बनाने के अभियान में हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।
कार्यक्रम में सीओ अल्मोड़ा बलवन्त सिंह रावत, प्रतिसार निरीक्षक रमेश चन्द्र, प्रभारी एएनटीएफ एवं पीआरओ राहुल राठी, प्रभारी एसओजी सुनील धानिक, सहायक समाज कल्याण अधिकारी चन्द्र सहित पुलिस विभाग और सोसाइटी के सदस्य मौजूद रहे।


